CM शिवराज ने सदन में पढ़ा संकल्प पत्र, कहा - ओबीसी आरक्षण के बिना नहीं होंगे पंचायत चुनाव

By सुयश भट्ट | Dec 23, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन आज ये संकल्प ले की बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव न हों। मैंने तो इस संकल्प का परसों कहा था कि आप 48 घंटे बाद कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में लाया गया अशासकीय संकल्प पढ़ा। संकल्प पर सर्वसम्मति से मुहर लग गई है।  बीजेपी सरकार अब समाज के लिए संकल्पित है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने वक्तव्य ने कहा कि कमलनाथ कह रहे थे वो गए और मुझे आमंत्रण दिया। आप हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी गए थे। खुजा लिया तो अब घाव तो होगा। फिर कह रहा हूं ओबीसी, एससी-एसटी, सवर्ण वर्ग को न्याय देंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट से अगली हियरिंग की अपील की गई है। बिना ओबीसी आरक्षण के न चुनाव में जाना ठीक है न ही यह प्रदेश के लिए ठीक है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य वर्ग को हमने ही 10 फीसदी आरक्षण दिया। कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में पाप किया। पहले हाइकोर्ट गए, फिर सुप्रीम कोर्ट गए। हम तुरंत हैरिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट गए है। हम ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने के पक्ष में है।

उन्होंने सदन में संकल्प रखा है कि बिना ओबीसी के पंचायत चुनाव न हो। हर संभव कोशिश कर रहे है ओबीसी के साथ चुनाव हो। विपक्ष ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर सदन से वाकआउट किया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए।

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दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज का वक्तव्य शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने उन्हें रोक दिया था। कमलनाथ ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को सदन में आने का आग्रह किया था ।अब पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मामले में देर न की जाए। आज नाम वापसी का आखरी दिन है। मुख्यमंत्री अपने बयान की पूर्ति करें।

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