By अंकित सिंह | Sep 21, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर वंशवादी राजनीति और जातिवाद का आरोप लगाया। मेरठ में 'शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से राजनीति परिवारवाद और जातिवाद जैसी बुराइयों से ग्रस्त रही है। कांग्रेस पार्टी और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने लंबे समय तक राजनीति को केवल परिवार के हितों और निजी लाभ का जरिया माना। जनसेवा का माध्यम बनने के बजाय, सत्ता उनके लिए परिवार का शासन बनाए रखने और अपने निजी स्वार्थों को साधने का साधन बन गई।
"मुझे क्या" वाली सोच पर निशाना साधते हुए उन्होंने इसे "मंथरा-बुद्धि" कहा। उन्होंने कहा कि जो लोग 'मुझे क्या' कहते हैं, उनमें मंथरा-बुद्धि होती है - यानी 'मुझे क्या मिलेगा, कोई कुछ भी करे, उससे मुझे क्या लेना-देना?' यह सोच न सिर्फ़ व्यक्ति को, बल्कि पूरे समाज को नुकसान पहुँचाती है। इससे पहचान का संकट पैदा होता है, समाज अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने लगता है और विकास में बाधा आती है।
CM योगी ने कहा कि इस सोच ने देश को कमज़ोर किया और पहचान का संकट पैदा किया, लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पद संभालने के बाद बदलाव साफ़ दिखा। उन्होंने कहा कि हमने एक नया भारत देखा - एक ऐसा भारत जिसे अपनी विरासत पर गर्व है और जो विकास की अपनी रफ़्तार खुद तय करता है। एक ऐसा भारत जिसे अब पहचान का संकट नहीं है, जो सीना तानकर चलता है और दुनिया की आँखों में आँखें डालकर बात करता है। और जब कोई भारत को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करना भी जानता है।
उन्होंने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में 'नया भारत' गुलामी की मानसिकता को छोड़ रहा है और अपनी विरासत पर गर्व को फिर से स्थापित कर रहा है। उन्होंने वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का उदाहरण दिया, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने आगे कहा कि मथुरा-वृंदावन में विकास कार्य चल रहे हैं। हमने भागवत भूमि 'शुक्रतीर्थ' के कायाकल्प का काम हाथ में लिया है और विदुर कुटी के लिए भी फंड आवंटित किया है।