By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 08, 2019
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने विकास ‘‘बाधित किया’’ और लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। आदित्यनाथ ने कहा कि इन पार्टियों ने वंशवादी और पारिवारिक राजनीति को ‘‘बढ़ावा’’ दिया और आम लोगों के जीवन को ‘‘मुश्किल’’ बनाया। उन्होंने यह बात पीटीआई से एक विशेष विमान में कही जिसमें वह लखनऊ से हैदराबाद पहुंचे। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में आंध्र प्रदेश में या तो कांग्रेस या क्षेत्रीय दल सत्ता में रहे हैं। उन्होंने लोगों से विकास के नाम पर धोखा किया है। उन्होंने वहां वंशवादी और पारिवारिक राजनीति को ‘‘बढ़ावा’’ दिया और विकास प्रक्रिया को बाधित किया।’’ आदित्यनाथ ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हिस्सों का दौरा किया और रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में यदि कांग्रेस को वोट दिया गया तो इससे केवल आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववादी ताकतें मजबूत होंगी और विकास बाधित होगा।
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यह पूछे जाने पर कि तेदेपा प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू राजग से क्यों अलग हुए और क्या इससे दक्षिण भारत में भाजपा पर असर होगा जहां पार्टी अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है, आदित्यनाथ ने कहा, ‘यह अवसरवाद की राजनीति है। राजग में उनका सम्मान किया गया। भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए चंद्रबाबू नायडू को सम्मान दिया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राजग से उनके अलग होने से भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भाजपा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी और इन राज्यों में अच्छी संख्या में सीटें जीतेगी।’’ आदित्यनाथ ने कहा कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भाजपा अच्छी संख्या में सीटें जीतेगी। मुख्यमंत्री ने ओवैसी भाइयों..एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी...पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके द्वारा दिए गए नकारात्मक बयान हैदराबाद और तेलंगाना के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘‘हम विकास और सुरक्षा की बात करते हैं। हैदराबाद के ओवैसी बंधुओं द्वारा की गई नकारात्मक राजनीति और बयानबाजी न केवल तेलंगाना और हैदराबाद के लोगों के लिए अपमानजनक है बल्कि यह देश की मूल भावनाओं का भी अपमान है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उनके द्वारा की जा रही नकारात्मक राजनीति के लिए भारतीय लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।’’