By दिनेश शुक्ल | May 19, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले में खुलासे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में मध्य प्रदेश में कोरोना के इलाज में उपयोग में आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन के नकली व कालाबाजारी के मामले सर्वाधिक सामने आए हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में इसके दोषियों के खिलाफ रासुका से लेकर तमाम कार्रवाई भी की गई है।
उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में कल पकड़ाए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर पुनीत अग्रवाल, जिसकी भाजपा से जुड़े होने की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं, ने खुलेआम यह स्वीकारा है कि उसे कालाबाजारी में बेचने के लिए यह इंजेक्शन मंत्री तुलसी सिलावट के परिवार के ड्राइवर गोविंद राजपूत ने 14 हज़ार रुपये में दिए थे, उसने यह भी स्वीकारा कि उसने कई बार मंत्री के ड्राइवर से इंजेक्शन लोगों को दिलवाए हैं। इस खुलासे के बाद कांग्रेस के विधायक संजय शुक्ला द्वारा पिछले कई दिनों से लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि स्वत: हो रही है।
सलूजा ने कहा कि इस पूरे खुलासे व मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तत्काल मंत्री तुलसी सिलावट को मंत्री पद से हटाए, इंदौर के प्रभारी मंत्री के दायित्व से भी मुक्त करें, साथ ही इंदौर के जिला स्वास्थ्य अधिकारी के ड्राइवर के पकड़े जाने के बाद उनको भी पद से हटाया जाये। मंत्री के ड्राइवर से भी पूछताछ हो और उस पर भी कड़ी कार्रवाई हो। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा हो, मंत्री व जिला स्वास्थ्य अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत रूप से जांच हो, मुख्यमंत्री व भाजपा नेतृत्व सामने आकर इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण दे, कांग्रेस यह माँग करती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री व गृहमंत्री कई बार कह चुके हैं कि ऐसे नरपिशाचों को, चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार हो, बख्शा नहीं जाएगा। यह निर्दोष लोगों की मौत के दोषी हैं, उस हिसाब से इस पूरे मामले के खुलासे के बाद, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। साथ ही इस बात की भी जांच होना चाहिए कि इंदौर में कुल कितने रेमडेसिविर इंजेक्शन अभी तक आए, किसको कितने मिले, कैसे इनका वितरण हुआ और इन जिम्मेदार लोगों के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन कहां से पहुंचे? जिनसे लेकर इनके नौकर, ड्राइवर इसे कालाबाजारी के रूप में बेच रहे हैं। इनके द्वारा बेचे गए इंजेक्शन नकली है या असली, इस बात की भी जांच होना चाहिए।