प्रशासन की गिरफ्त से दूर असली हत्यारे, कांग्रेस बोली- मुख्य न्यायधीश की निगरानी में हो जांच

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 29, 2018

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि बुलंदशहर में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या के 25 दिन बाद भी प्रशासन असली अभियुक्तों को पकड़ने में विफल रहा और ऐसे में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए ताकि ‘संपूर्ण न्याय’ मिल सके। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘उत्तर प्रदेश में तीन दिसंबर को जिस तरह से बुलंदशहर में पुलिस निरीक्षक की हत्या की गई...25 दिन हो गए लेकिन सरकार ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। कभी अजय सिंह बिष्ट की सरकार अपने लिए सराहना ढूंढती है तो कभी कहती है कि वह साजिश थी।’

उन्होंने कहा, ‘पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट आई जिसमें साफ है कि उस दिन क्या हुआ था? 2014 के बाद भीड़तंत्र देश और प्रदेशों में आया है। किसी भी व्यक्ति ने मासूमों की जान ली है उसे सजा नहीं मिली है। अब ये हाल हो गया है कि जिन वर्दी वालों पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, अब वे ही इस भीड़तंत्र का शिकार होने लगे है। उत्तर प्रदेश में यह सिलसिला लगातार चल रहा है।’

इसे भी पढ़ें : बुलंदशहर की घटना को योगी ने बताया राजनीतिक षडयंत्र, कहा- बनी रहेगी शांति व्यवस्था

बब्बर ने कहा कि क्या सुबोध कुमार सिंह के परिवार को न्याय मिलेगा? आज की स्थिति से ऐसा नहीं लगता है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि न्यायाधीश से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। हम चाहेंगे कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो, लेकिन अगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो तो परिवार को संपूर्ण न्याय मिल सकता है। गौरतलब है कि गोहत्या की अफवाह के बाद तीन दिसंबर को बुलंदशहर में प्रदर्शन कर रही भीड़ की हिंसा में सुबोध कुमार सिंह की हत्या हो गई थी। 

प्रमुख खबरें

Ketan Agarwal Murder Case | शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी सिया गोयल, मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे सामने आया नया मकसद

Rajdhani Express में वेज बिरयानी में मिली मक्खी: IRCTC ने कैटरिंग फर्म पर लगाया ₹1 लाख का जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने का नोटिस

IRFC में सरकार के Offer For Sale से मचा हड़कंप, Infosys की AI डील ने निवेशकों को बनाया मालामाल।

White House में India के Tariff पर मचा था बवाल, Donald Trump ने अधिकारियों को सरेआम किया खारिज