By अभिनय आकाश | Dec 18, 2024
संसद में डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर एक बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसद में जमकर हंगामा किया। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है। अमित शाह के साथ बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू, पीयूष गोयल, सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव भी मौजूद रहे। अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि संसद के दोनों सदनों में संविधान को स्वीकार करने के 75 साल के मौके पर संविधान की रचना, संविधान निर्माताओं का योगदान और संविधान में प्रस्तावित किए गए आदर्शों पर एक गौरवमयी चर्चा का आयोजन संसद के द्वारा किया गया। उस चर्चा में 75 साल की देश की गौरव और विकास यात्रा व उपलब्धियों की भी चर्चा होनी थी। ये तो स्वभाविक है कि जब लोकसभा-राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष होते हैं तो हर मुद्दे पर लोगों का नजरिया अलग अलग होता है। दलों का नजरिया अलग होता है। लेकिन संसद जैसे देश के लोकतांत्रिक फरोम में जब चर्चा होती है तो इसमें एक बात कॉमन होती है कि बात तथ्य के आधार पर होनी चाहिए और बात सत्य के आधार पर होनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि बाबा साहब के न रहने के बाद भी कांग्रेस ने कभी बाबा साहब को इज्जत नहीं दी। पंडित जी (नेहरू) की कितनी ही किताबों में लिखा है कि उन्होंने कभी बाबा साहब को सही जगह नहीं दी। कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत रत्न नहीं दिया। पंडित नेहरू ने खुद को भारत रत्न दिया।