By अंकित सिंह | Jun 19, 2024
कांग्रेस के के सुरेश लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर बनने वाले हैं। सत्रों की ओर से ऐसे दावे किए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से कहा कि जब तक केंद्र अध्यक्ष पद पर औपचारिक निर्णय नहीं ले लेता, तब तक सुरेश 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में काम करेंगे। 68 वर्षीय सुरेश केरल के मावेलिकारा से सांसद हैं और सबसे लंबे समय तक संसद सदस्य रहने वाले सदस्य हैं। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा, जिसके दौरान निचले सदन के नए सदस्य शपथ लेंगे और अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 जून को संसद बुलाने से पहले राष्ट्रपति भवन में सुरेश को पद की शपथ दिलाएंगी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जून को लोकसभा में अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे।
प्रोटेम स्पीकर के पास कई जिम्मेदारियां होती हैं। इसमे शामिल है, लोकसभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करना। नवनिर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाना। सरकार का बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराया जा रहा है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव के लिए मतदान कराना। सदन का नया अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद समाप्त हो जाता है।
अध्यक्ष निस्संदेह सदन का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है। अध्यक्ष, सदन का संरक्षक, नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा चुना जाता है। सदन में कामकाज चलाने की जिम्मेदारी स्पीकर की होती है। वह व्यवस्था बनाए रखता है, बुरे व्यवहार के मामले में कार्यवाही को निलंबित कर सकता है और जब नियमों और प्रक्रियाओं की बात आती है तो अंतिम निर्णय भी लेता है।