By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026
केरलम विधानसभा अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन, तिरुवनंतुरम से सांसद शशि थरूर सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की ‘चार्टर्ड’ विमान से हालिया यात्रा का बचाव करते हुए कहा कि आपात स्थिति को देखते हुए यह फैसला जरूरी था और उन्होंने विपक्ष की आलोचना को खारिज कर दिया। राधाकृष्णन ने कहा कि सतीशन विमान उपलब्ध कराने वाले परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और इस मामले को मुद्दा बनाने की कोई वजह नहीं है। सतीशन ने बाढ़ से छह लोगों की मौत के बाद नीलांबूर जाने के लिए तिरुवनंतपुरम से करीपुर हवाई अड्डे तक के लिए ‘चार्टर्ड’ विमान का उपयोग किया था।
हम वहां जाएंगे।” राधाकृष्णन ने इस आशंका को खारिज कर दिया कि विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी सरकार से किसी तरह के लाभ की उम्मीद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी सतीशन के निर्वाचन क्षेत्र के एक व्यक्ति की है और वह उसके मालिक तथा उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विमान के मालिक कांग्रेस के एक प्रमुख नेता हैं।
उन्होंने कहा कि सतीशन इस परिवार को अच्छी तरह जानते हैं। राधाकृष्णन ने कहा, “वे हमारे लिए जाने-पहचाने हैं।” स्थानीय स्वशासन मंत्री के एम. शाजी द्वारा मित्र की रेंज रोवर को आधिकारिक वाहन के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर राधाकृष्णन ने कहा कि अस्थायी व्यवस्थाओं को बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां मानवीय स्वभाव का हिस्सा हैं।
शाजी ने कहा, ‘‘इनमें से कोई भी बात संवैधानिक उल्लंघन या संवैधानिक दायित्वों के खिलाफ नहीं है। ऐसा कुछ भी नहीं है। यह भावनात्मक मुद्दा है और उस भावना को लगातार भड़काने से यह चर्चा का प्रासंगिक विषय नहीं बन जाता।’’ थरूर ने कहा कि देशभर के मुख्यमंत्रियों को विमान एवं हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध होती है और मलप्पुरम में अचानक आई बाढ़ की घटना के बाद मौके पर पहुंचने के लिए सतीशन द्वारा चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल करने में कुछ भी गलत नहीं था।
उन्होंने कहा, “देश के सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों के पास हमेशा विमान और हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहती है। केवल केरलम में हमारी अलग सोच के कारण ऐसी चीजों को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता।” पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के सड़क मार्ग से यात्रा करने का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि अचानक कोई घटना होने पर स्थिति अलग हो सकती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का वहां जल्दी पहुंचना, जायजा लेना और लोगों से मिलना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।” थरूर ने कहा कि जब आपात स्थिति हो तो ऐसी सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।