By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली के दौरे के एक दिन बाद शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि लोग देश के किसी भी हिस्से में जाने के लिए स्वतंत्र हैं और उनकी पार्टी के नेता भी आने वाले दिनों में सपा के गढ़ - इटावा, कन्नौज और मैनपुरी के दौरे कर सकते हैं। राय ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “कोई भी देश के किसी भी हिस्से का दौरा करने के लिए स्वतंत्र है। वह (यादव) रायबरेली गए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं था।
भाजपा ने बृहस्पतिवार को यादव के रायबरेली दौरे पर चुटकी लेते हुए दावा किया था कि यह दौरा उस संसदीय क्षेत्र में सपा की राजनीतिक ताकत दिखाने और वहां कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए किया गया था। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा था, आदर्श रूप से, कांग्रेस को अब अपना राजनीतिक अभियान कन्नौज और मैनपुरी से शुरू करना चाहिए। भाजपा ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बयानों से ऐसा लगता है कि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले दोनों विपक्षी दल खुद को बेहतर साबित करने की होड़ में शामिल हैं।
मसूद और हसन ने अपने-अपने नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव को मुख्य विपक्षी चेहरे के रूप में पेश किया था। राय ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी देश में विपक्ष की सबसे प्रमुख आवाज हैं। हालांकि, उन्होंने मसूद और हसन के बयानों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि पार्टी नेतृत्व गठबंधन व सीट बंटवारे की व्यवस्था पर अंतिम फैसला लेगा।
राय ने कहा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राहुल जी ही भाजपा का मुकाबला करने में सक्षम सबसे प्रमुख विपक्षी नेता हैं। रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में आने वाली पांच विधानसभा सीट में से तीन - बछरावां, हरचंदपुर और सरेनी से सपा के विधायक हैं जबकि बाकी दो सीट रायबरेली और ऊंचाहार से भाजपा के विधायक हैं।