सीएम योगी ने कांग्रेस से ओछी राजनीति ना करने की अपील की, कहा- 3 दिन हो गए अभी तक नहीं दी श्रमिकों की सूची

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 18, 2020

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर प्रवासी श्रमिकों और कामगारों का मजाक बनाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि महामारी के इस समय में कांग्रेस के नेता ओछी राजनीति ना करें। योगी ने एक निजी समाचार चैनल से कहा कि औरैया, उत्तर प्रदेश में जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है, कांग्रेस नेतृत्व को इस बात को समझना चाहिए कि उनमें से एक ट्रक राजस्थान और दूसरा पंजाब से आया था और प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को बिहार और झारखंड ले जाने के लिए उनसे भारी पैसा लिया गया था। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि तब क्या कर रहे थे ये लोग... यानी शोषण भी करेंगे और फिर ईमानदारी का चेहरा भी दिखाएंगे... सौ चूहे खाकर बिल्ली हज करने चली... ये कहावत आज कांग्रेस नेतृत्व की हो गयी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर प्रवासी श्रमिकों और कामगारों का मजाक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे लगता है कि ये कांग्रेस का बहुत शर्मनाक चेहरा है। 

योगी ने कहा कि अगर राज्य सरकारें हमें प्रवासी श्रमिकों की सूची देंगी तो निश्चित ही हम अनुमति देंगे। हमें बसों और श्रमिकों की सूची चाहिए ताकि हम आश्वस्त हो सकें कि सभी प्रवासी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और हम उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा सकते हैं, लेकिन तीन दिन से कोई सूची कांग्रेस ने नहीं दी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि यह राजनीति का समय नहीं है। योगी सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाने की अनुमति दे। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर उन बसों को दिखाया जिनकी व्यवस्था कांग्रेस पार्टी ने प्रवासी मजदूरों के लिए की है। प्रियंका ने शनिवार को औरैया हादसे के बाद प्रवासियों को लाने के लिए 1000 बसों को चलाने की अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा था।

प्रमुख खबरें

Kerala CM पर घमासान: Priyank Kharge का BJP पर पलटवार, हमारे आंतरिक मामले में इतनी दिलचस्पी क्यों?

IPL 2026 में अनुशासनहीनता से असहज हुआ BCCI, बोला- नए Rules जारी करने को मजबूर हुए

ये 6 बातें Relationship में घोल रहीं जहर, आपका Partner भी करता है ऐसा तो हो जाएं Alert

अनकहा लॉकडाउन? कितना बड़ा है आने वाला संकट, इससे निकलने का क्या है फॉर्मूला, आंकड़ों से समझें पूरा जियोपॉलिटिकल अर्थशास्त्र