महाराष्ट्र: राजनीतिक हलचल के बीच सक्रिय हुई कांग्रेस, विधायकों को एकजुट रखने के लिए कमलनाथ को बनाया पर्यवेक्षक

By अंकित सिंह | Jun 21, 2022

नयी दिल्ली। महाराष्ट्र में मचे राजनीतिक बवाल के बीच अब कांग्रेस सक्रिय हो गई है। अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पार्टी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को राज्य का पर्यवेक्षक बनाया है। इस बात की जानकारी पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से दी गई है। उनकी ओर से जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को महाराष्ट्र के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। खबर के मुताबिक कमलनाथ जल्द ही मुंबई के लिए रवाना हो सकते हैं। वहीं, महाराष्ट्र के प्रभारी एचके पाटिल भी मंगलवार शाम तक मुंबई पहुंच सकते हैं। पहले खबर यह आ रही थी कि कांग्रेस ने अपने महाराष्ट्र के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। हालांकि बाद में इसे रद्द किया गया।

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कांग्रेस नेताओं का दावा है कि महाराष्ट्र में पार्टी के सभी विधायक एकजुट है। सभी विधायक संपर्क में हैं। वर्तमान में जो संकट है वह शिवसेना से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस ने इस बात की भी उम्मीद जताई है कि शिवसेना का नेतृत्व इस संकट से निपट लेगा। आपको बता दें कि आज सुबह सवेरे ही शिवसेना के वरिष्ठ नेता और उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे के बगावत की खबरें आई। अब तक की खबर के मुताबिक एकनाथ शिंदे लगभग 25-30 विधायकों के साथ गुजरात के एक होटल में मौजूद हैं। फिलहाल सभी शिवसेना के पहुंच से दूर हैं। शिवसेना के अंदर उठापटक के स्थिति विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद से ही शुरू हो गई थी। कल 10 सीटों पर महाराष्ट्र में हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने 5 में जीत हासिल की। जबकि शिवसेना एनसीपी के खाते में दो-दो सीट और कांग्रेस के खाते में 1 सीट गई थी।

महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि वह कभी भी सत्ता के लिए धोखा नहीं देंगे और बाल ठाकरे से मिली सीखों को नहीं छोड़ेंगे। शिंदे अपनी पार्टी के कुछ विधायकों के साथ सूरत में हैं, जिससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। शिंदे ने मराठी में ट्वीट किया, हम बालासाहेब के कट्टर शिवसैनिक हैं, जिन्होंने हमें हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया। हम कभी भी सत्ता के लिए धोखा नहीं देंगे और सत्ता के लिए बालासाहेब एवं आनंद दीघे से मिली सीखों को कभी नहीं छोड़ेंगे। शिंदे की वजह से महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट पैदा होने के बीच यह उनकी पहली प्रतिक्रिया थी। दिवंगत दीघे ठाणे से शिवसेना के दिग्गज नेता और शिंदे के राजनीतिक गुरु थे। शिंदे और सत्तारूढ़ शिवसेना के कुछ विधायकों ने संपर्क तोड़ लिया है औरवे सूरत में ठहरे हुए हैं। उनके इस कदम से उद्धव ठाकरे नीत महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार की स्थिरता पर सवालिया निशान लगने लगा है। गठबंधन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस भी शामिल हैं।

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