हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को हटाने को लेकर कांग्रेसी लामबंद

By विजयेन्दर शर्मा | Aug 01, 2021

शिमला।पंजाब में कांग्रेस की कलह के बाद अब हिमाचल में कांग्रेस में बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की कार्यशैली कांग्रेस के बडे तबके को रास नहीं आ रही है नाराज कांग्रेसी आने वाले उपचुनावों से पहले पार्टी अध्यक्ष को हटाने को लेकर लामबंद हो गये है। पिछले चुनाव से ठीक पहले सुखविन्दर सिंह सुक्खू को हटाकर कुलदीप सिंह राठौर को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई थी लेकिन इस दौरान राठौर सबको साथ लेकर चलने में नाकाम रहे हैं उन्होंने अपनी कुर्सी बचाये रखने के लिये न केवल वीरभद्र सिंह के समर्थकों को तरजीह दी बल्कि संगठन में चुनावों में हारे हुये नेताओं को ही संगठन में ओहदेदारियां दी। जिससे पार्टी में उनके खिलाफ असंतोष उभर रहा है आरोप लगाया जा रहा है कि राठौर रजनीश किमटा के अलावा किसी की नहीं सुनते यही वजह है कि अब कांग्रेसी राठौर को हटाने के लिये आलाकमान पर दवाब बनाने लगे हैं।

इसे भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लाहौल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा

इसमें प्रदेश कांग्रेस के 11 वरिष्ठ नेताओं के नामों का भी उल्लेख है जिन्हें वर्तमान पार्टी प्रमुख के स्थान पर बागडोर दी जा सकती है। दलील दी गई है कि इन नेताओं से किसी एक को पार्टी आगे लाये व पार्टी की कमान दे । लेकिन नाम न जाहिर करने की शर्त पर यह कह रहे हैं कि जिस तरीके से पार्टी को चलाया जा रहा है उससे अगला चुनाव तो दूर अगले माह होने वाले उपचुनाव भी नहीं जीत सकते।दूसरी ओर पत्र में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मौजूदा अध्यक्ष कुलदीप राठौर पर कई आरोप लगाये गये है। राठौर पर चुनावी राजनीति में उनकी अनुभवहीनता  के साथ सभी को साथ न लेकर चलने का आरोप लगाया गया है कहा गया है कि प्रदेश में राठौर की लोकप्रियता न के बराबर है इस लिहाज से उनके रहते अगला विधानसभा चुनाव नहीं जीता जा सकता है ।दिलचस्प बात यह है कि पत्र में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर की कमियों का हवाला दिया गया है। इसमें 11 वरिष्ठ नेताओं के नामों का भी उल्लेख है जिन्हें वर्तमान पार्टी प्रमुख के स्थान पर बागडोर देने की बात कही गई है।

इसे भी पढ़ें: सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख जीएस पन्नू के खिलाफ केस दर्ज, मुख्यमंत्री को दी थी धमकी !

पत्र में केवल कौल सिंह ठाकुर (मंडी), आशा कुमारी (चंबा), राम लाल ठाकुर (बिलासपुर), जीएस बाली (कांगड़ा), सुखविंदर सिंह सुखू, मुकेश अग्निहोत्री (ऊना), हर्षवर्धन चौहान ( सिरमौर), प्रतिभा सिंह (शिमला), सुधीर शर्मा (कांगड़ा), राजिंदर राणा (हमीरपुर) और विप्लव ठाकुर (कांगड़ा) का उल्लेख हैं। इस पत्र में राम लाल ठाकुर के मामले को छोड़कर, राठौर के विकल्प के तौर पर पेश किये गये 11 नेताओं की ताकत और कमजोरियों का सिलसिलेवार हवाला देता है।दिलचस्प यह भी है कि इस समय कांग्रेस में वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उनकी विरासत को संभालने की भी जोड तोड में कुछ नेता लगे हैं लेकिन अब इस पत्र ने नया बखेडा खडा कर दिया है।हालांकि वीरभद्र के पुत्र विक्रमादित्य कहते हैं कि उनके सहित कोई भी इस पर दावा नहीं कर सकता वर्तमान में कांग्रेस में ऐसा कोई नेता नहीं है जिसकी पहुंच राज्य के कोने-कोने में हो। इसलिए, अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस के जीतने की स्थिति में उनके नेता का फैसला करने का निर्णय विधायकों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। इस बीच, कांग्रेस को वीरभद्र के परिवार के मंडी लोकसभा और अर्की विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव लड़ने या बाहर रहने के फैसले का इंतजार है।

प्रमुख खबरें

Rohit Sharma Birthday: Records के हिटमैन Rohit Sharma का Birthday, ये कीर्तिमान तोड़ पाना है लगभग Impossible

Delhi NCR Weather Update: उमस भरी गर्मी के बीच राहत की खबर, IMD ने जताई बारिश की संभावना

Today in History: जब Hitler ने की आत्महत्या, भारत को मिले दादासाहेब फाल्के, Rishi Kapoor ने कहा अलविदा

Rajasthan Car Fire | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, चलती कार बनी आग का गोला, 5 लोग जिंदा जले