By अभिनय आकाश | Sep 25, 2026
गुवाहाटी में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे। यह विरोध 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इनमें 'फॉर्म 6' में बदलाव और वोटर लिस्ट के डेटा को संभालने से जुड़े मामले शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां उन फैसलों को लेकर थीं जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना या उनकी सिफारिशों के खिलाफ लिए गए थे।
उन्होंने कहा कि आज जब लोगों को पता चल गया है कि ज्ञानेश कुमार जी ने अपराध और देशद्रोह किया है, तो उन्हें आज ही इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। गोगोई ने कहा कि यह मामला नागरिकों के वोट देने के मौलिक अधिकार से जुड़ा है और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा आज भारत एक लोकतंत्र है क्योंकि यहाँ निष्पक्ष चुनाव होते हैं और लोगों का वोट देने का अधिकार सुरक्षित है। आज उन्होंने लोकतंत्र पर हमला किया है। आने वाले समय में भारत की जनता उन्हें बख्शेगी नहीं।