चरित्र हनन की राजनीति से कांग्रेस को आखिर मिलता क्या है ?

By अजय कुमार | Jun 30, 2020

अगर आप किसी पर एक उंगली उठाते हैं तो आपके ऊपर तीन उंगली स्वतः उठ जाती हैं। बात यही तक सीमित नहीं है, यदि उंगली उठाने वाला साजीशन किसी पर लांछन लगता है तो उसकी जग-हंसाई भी होती है और शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है। किसी पर उंगली उठाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखा जाता है कि ऐसा करने से किसी की प्रतिष्ठा धूमिल न हो। खासकर आपकी बातों से जब किसी संस्था या व्यक्ति का चरित्र हनन होता है तो आरोप लगाने वाला कानून और समाज दोनों की नजरों में गुनहगार बन जाता है। ऐसे ही कृत्यों के चलते कांग्रेस का गांधी परिवार लगातार अपना मान-सम्मान खोता जा रहा है। राहुल गांधी तो विवादित बयानबाजी करने और फिर माफी मांग लेने में सि़द्धहस्त हैं हीं प्रियंका वाड्रा भी उनसे कम नहीं हैं। हाल ही में विवादित बयान देकर कानपुर के एक बालिका गृह की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के कारण कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका वाड्रा लोगों की नजर में चढ़ गई हैं। उन्हें राज्य बाल संरक्षण आयोग और यूपी राज्य महिला आयोग ने नोटिस भेजकर चेताया है। मामला कानपुर के राजकीय बाल गृह (बालिका) की घटना पर प्रियंका की टिप्पणी से जुड़ा है।

यूपी राज्य महिला आयोग ने कहा है कि भ्रामक टिप्पणी से समाज में गलत संदेश पहुंचा है। आयोग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में तथ्यों की जानकारी किए बिना, खास तौर पर महिलाओं के संबंध में ऐसी टिप्पणी न करें। साथ ही 21 जून को की गई पोस्ट का खंडन भी करने को कहा है, लेकिन लगता नहीं है कि प्रियंका वाड्रा तब तक माफी मांगेंगी जब तक कि उनके ऊपर कानून का शिकंजा नहीं कसेगा। कई मौकों पर देखा गया है कि गांधी परिवार जब ‘पानी सिर के ऊपर चला जाता है, तभी माफी मांगता है।  

उधर, इन सब बातों से बेफिक्र कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने अब अलीगढ़ पोस्टमार्टम हाउस की दुर्दशा को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका ने 28 जून 2020 को ट्वीट किया और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि अलीगढ़ पोस्टमार्टम गृह में भारी अव्यवस्था है, शव बाहर रखे हैं। मृतकों के स्वजनों से बर्फ की सिल्ली के लिए पैसे की उगाही हो रही है। कोरोना काल में सरकार के दावों के बावजूद भारी दुर्दशा की खबरें आ रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मामले की जांच को री-ट्वीट किया कि सभी कार्य संतोषजनक हैं। इस बीच कांग्रेसियों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर प्रदर्शन किया। बात पूरे घटनाक्रम की कि जाए तो करीब पांच दिन पहले पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर खराब हो गया था, कर्मचारियों ने मृतक के परिवारजनों से शव को रखने के लिए बर्फ की सिल्ली मंगाई थी। उस दौरान काफी हंगामा हुआ था। इस मामले को लेकर पांच दिनों बाद प्रियंका ने ट्वीट किया। 

इसे भी पढ़ें: चीन से चंदा लेकर कांग्रेस ने देश के साथ बड़ा विश्वासघात किया

बहरहाल, लगता यह है कि घटिया और गलत बयानबाजी करना कांग्रेस के गांधी परिवार का शगल बन गया है। प्रियंका ही नहीं सोनिया और राहुल गांधी भी विवादित बयानबाजी करने में पीछे नहीं रहते हैं। बीते वर्ष हुए आम चुनाव को कौन भूल सकता है, जब एक चुनावी सभा में राहुल गांधी ने झूठ की पराकाष्ठा को लांघते हुए कह दिया था कि कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकादारी चैर है। राहुल गांधी चौकीदार चोर है, का नारा देकर पीएम मोदी की छवि छूमिल कर रहे थे, जिस पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट में तीन-तीन बार माफी मांगना पड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामें में राहुल गांधी ने कहा था कि चुनाव के आवेश में उन्होंने चौकीदार चोर है, वाला बयान दिया था। राहुल गांधी ने इस मामले में अंडरटेकिंग देते हुए कहा कि आगे से मैं पब्लिक में कोई भी ऐसी टिप्पणी नहीं करूंगा। राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के बयान को गलत तरह से पेश कर देश के लोगों को गुमराह कर रहे थे।

-अजय कुमार

प्रमुख खबरें

Team India में अब चलेगी Gautam Gambhir की? Suryakumar Yadav की Captaincy पर लेंगे आखिरी फैसला!

TVK कैबिनेट में शामिल होने पर Thirumavalavan की सफाई, बोले- VCK कार्यकर्ताओं ने मुझे मजबूर किया

पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील

Rajnath Singh का Shirdi से ऐलान: कोई ताकत नहीं रोक सकती, India बनेगा Top Arms Exporter