By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 21, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जश्न मनाने का नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही मांगने और लोकतंत्र की बहाली का दिन है। खरगे ने छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य और बच्चों को सरकारी दमन के बजाय न्याय की आवश्यकता है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया, संसद को लगभग सील क्यों किया गया और इंटरनेट सेवाएं क्यों बाधित की गईं। उन्होंने बार-बार होने वाले पेपर लीक के कारण लाखों युवाओं को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया और पूछा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। खरगे ने इस गंभीर विषय पर संसद में तत्काल और विस्तृत चर्चा कराने की पुरजोर मांग की है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था की वकालत की जो राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, स्वतंत्र और योग्यता आधारित हो। खरगे ने यह भी मांग की कि परीक्षा में धांधली होने पर छात्रों को पुनर्परीक्षा और मुआवजे का वैधानिक अधिकार मिले। गौरतलब है कि खरगे का जन्म 21 जुलाई, 1942 को हुआ था और वह दो दशकों में गांधी परिवार से बाहर के पहले कांग्रेस अध्यक्ष हैं।