कश्मीरियों को भड़काये नहीं कांग्रेस, यह कश्मीर की आजादी की ईद है

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Aug 12, 2019

कश्मीर ने कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दलों को बड़ी दुविधा में डाल दिया है। इन दलों के कई प्रमुख नेता (कश्मीर के मामले में) खुलकर सरकार का समर्थन कर रहे हैं बल्कि कश्मीर के पूर्व महाराजा और सदरे-रियासत डॉ. कर्णसिंह ने भी अमित शाह के फैसले पर मुहर लगा दी है। मोदी सरकार ने कांग्रेसी सरकारों के अधूरे काम को पूरा किया है। इंदिराजी ने तरह-तरह के प्रावधान करके धारा 370 को इतना पतला कर दिया था कि यह पता चलाना मुश्किल हो गया था कि वह दूध है या पानी है। आज के कांग्रेसियों को इंदिरा का ताज़ मोदी के सिर पर रखना चाहिए था लेकिन राहुल, गुलाम नबी और कुछ नए-नए मुल्ला बने कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेस को कब्र में लिटा दिया है।

इसे भी पढ़ें: कश्मीर पर बेसुरा राग अब दुनिया को नहीं भाता, पाक को यह समझ क्यों नहीं आता

देश के कई प्रांतों के कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मुझसे पूछ रहे हैं कि हमारे नेतृत्व को क्या हो गया है ? कश्मीर के सवाल पर डॉ. कर्णसिंह के सामने कांग्रेस की पूरी कार्यसमिति की राय दो कौड़ी के बराबर भी नहीं है। देश में कुछ नेताओं के अलावा किस पार्टी के कार्यकर्ता इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं ? देश की लगभग सभी सामान्य जनता इस कदम का स्वागत कर रही है। कश्मीर के सवाल पर नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण मैंने कार में यात्रा करते-करते सुना। मुझे लगा कि मोदी में एक राष्ट्र-नेता का सच्चा स्वरूप विकसित हो रहा है। धारा 370 और 35ए के विरुद्ध जितने भी तर्क मैंने पिछले एक माह में सूत्र रूप में दिए थे, मोदी ने विस्तार से उनकी व्याख्या की और ठोस उदाहरण भी दिए। उन्होंने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक विपक्ष या कश्मीर की जनता पर शब्द-बाण नहीं बरसाए बल्कि उनके घावों पर मरहम लगाया। भारत-जैसे विशाल और लोकतांत्रिक देश के नेता के लिए यही शोभनीय है।

इसे भी पढ़ें: जैसे अटलजी ने इंदिरा को दुर्गा कहा था, वैसे कांग्रेस भी मोदी को शाबाशी दे सकती थी

मेरी अपनी राय यह है कि सरकार के इस फैसले से कश्मीर के कुछ ठेकेदार नेताओं का नुकसान जरूर होगा लेकिन कश्मीर की जनता का फायदा ही फायदा है। उन्हें वे सब अधिकार मिलेंगे, जो प्रत्येक भारतीय नागरिक को मिले हुए हैं। वह शीघ्र ही पूर्ण राज्य भी बनेगा और उसकी कश्मीरियत की भी रक्षा होगी। बस बिचैलियों (नेताओं) की लूट बंद हो जाएगी। आतंकवादियों के हौसले पस्त होंगे। कश्मीरी नेताओं को अब अखिल भारतीय नेतृत्व के मौके आसानी से मिलेंगे। बेहतर हो कि वे कश्मीर की जनता को भड़काने की बजाय उसे इस बार की एतिहासिक ईद मनाने दें। यह ईद कश्मीर की आजादी की ईद है। इस ईद पर कश्मीर सामंतवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और भ्रष्ट नेताओं के चंगुल से आजाद हुआ है।

 

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Bangladesh की नई BNP सरकार का शपथ ग्रहण, India-China समेत 13 देशों को भेजा न्योता

Team India का सपना, एक पारी से स्टार बने Vaibhav Sooryavanshi ने Cricket Career के लिए छोड़ी Board Exam

Asia Cup में Team India की शानदार वापसी, Pakistan को 8 विकेट से हराकर चखा पहली जीत का स्वाद

T20 World Cup 2026: Ishan Kishan के तूफान में उड़ी पाकिस्तानी टीम, भारत की धमाकेदार जीत