By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 13, 2026
चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के खुलासे के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच जारी रहने के बीच भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को यहां मौन उपवास रखा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता यहां गांधी पार्क में इकटठा हुए और गौतम की नियुक्ति को संवैधानिक पद का संरक्षण देकर जांच से बचाने का प्रयास बताते हुए इस कदम का विरोध किया। उन्होंने गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग भी की।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे हम सब आहत हैं... प्रदेश का प्रत्येक नागरिक इसका पुरजोर विरोध करेगा।’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी और कथित वीआईपी समेत हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों का संतोषजनक जवाब मिलने तक चुप नहीं बैठेगी। गोदियाल ने केंद्र और राज्य सरकारों से सीबीआई जांच में तेजी लाकर निष्पक्षता से जांच करने तथा गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की। ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों -सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।
घटना के चार दिन बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ था। तीनों को इस मामले में अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गयी है। हालांकि, पिछले साल दिसंबर में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी के शामिल होने का मामला सुर्खियों में आ गया।
इसे लेकर कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया गया जिसमें अंकिता के माता-पिता भी शामिल हुए। इसके बाद इस साल जनवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर सीबीआई जांच की सिफारिश की।