नेहरू को विभाजन का पितामह बताने पर कांग्रेस ने भाजपा की निंदा की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 02, 2022

कांग्रेस ने शनिवार को कर्नाटक के कुछ स्थानीय दैनिकों में पहले पन्ने पर दिए गए विज्ञापन में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ‘भारत के विभाजन का पितामह’ बताए जाने पर भाजपा की निंदा की। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के कर्नाटक में प्रवेश के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने कुछ कन्नड़ अखबारों में एक विज्ञापन छपवाया, जिसमें लिखा है कि क्या प्रपौत्र भारत विभाजन के पितामह द्वारा तोड़ी गई चीज को जोड़ सकता है।

पार्टी की मीडिया और प्रचार इकाई के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने विज्ञापन दिया है। दक्षिणपंथी विचारधारा हमेशा इतिहास के गलत मोड़ पर रही है। चूंकि वे इतिहास नहीं लिख सके, इसलिए वे इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि द्विराष्ट्र सिद्धांत को पहली बार हिंदू महासभा ने 1937 में अपने अहमदाबाद सम्मेलन में रखा था, जिसकी अध्यक्षता हिंदुत्व विचारक सावरकर ने की थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने भी 1942 में मुस्लिम लीग के लाहौर सम्मेलन में यही दोहराया।

उन्होंने दावा किया कि 1942 में जब विरोध में और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में शामिल होने के लिए कांग्रेस सभी प्रांतीय सरकारों से अलग हो गई, तो महासभा ने तीन प्रांतीय विधानसभाओं - पश्चिम बंगाल, एनडब्ल्यूएफपी और सिंध में मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया, जहां पाकिस्तान के लिए पहला प्रस्ताव पारित किया गया। खेड़ा ने कहा, ‘‘मैं चुनौती देकर कहता हूं कि वे (दक्षिणपंथी) मुस्लिम लीग से मिले हुए थे और उन्होंने इसे नहीं रोका। यह स्पष्ट है कि भारत का विभाजन किसने किया। वे (भाजपा) एक ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसकी दादी ने पाकिस्तान का बंटवारा किया था। वे (भाजपा) 1947 और 1971 से पहले का इतिहास नहीं जानते हैं। वे खुद अपना इतिहास नहीं जानते हैं।’’

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि भाजपा उन लोगों को इतिहास पढ़ा रही है, जो स्वतंत्रता लेकर आए। उन्होंने कहा, ‘‘किस दल ने सभी प्रांतों को एक कर एक राष्ट्र बनाया? यह कांग्रेस है। आरएसएस के किस नेता ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था? क्या आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार या दूसरे सरसंघ चालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था? स्वतंत्रता संग्राम में क्या आरएसएस से किसी ने जान गंवाई?’’ सिद्धरमैया ने कहा, “नेहरू नौ साल तक जेल में रहे।

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