Congress ने बताया, पक्ष में आंकड़े ना होने के बाद भी विपक्ष की ओर से क्यों लाया गया No-Confidence Motion

By अंकित सिंह | Jul 26, 2023

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 जुलाई को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिसे कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पेश किया था। मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि भारत के 26 विपक्षी दलों के गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर हिंसा पर संसद में बोलने के लिए प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। विपक्ष मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहा है जो 3 मई से जातीय हिंसा से प्रभावित है, जिसमें दो महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना भी शामिल है। जिसके वीडियो की हर तरफ काफी आलोचना हो रही है। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव से मोदी सरकार को कोई खतरा नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: Lok Sabha में Amit Shah ने कहा, सरकार मणिपुर पर चर्चा को तैयार, मुझे नहीं मालूम विपक्ष क्या चाहता है

प्रस्ताव को सदन के कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। जबकि लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 543 है, प्रभावी सीटें 537 हैं और खाली सीटें केवल 6 हैं। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी मोदी सरकार बेफिक्र है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव का भविष्य पहले से तय है। संख्याबल के आधार पर भाजपा मजबूत है। लोकसभा में विपक्ष के 150 से भी कम सांसद हैं। 272 बहुमत का आंकड़ा होता है। भाजपा अपने दम पर 303 है। जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन के पास 331 सदस्य हैं। 

प्रमुख खबरें

West Asia संकट के बीच MEA का बड़ा एक्शन, Iran से 1862 भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की

CM Nishant Kumar के नारों पर Nitish की मुस्कान, क्या Bihar में पक रही है कोई Political खिचड़ी?

नजफगढ़ का ‘प्रिंस’: जिसने आईपीएल का सपना पूरा करने के लिए कांस्टेबल की परीक्षा छोड़ दी थी

घुसपैठ से ध्यान भटकाने का खेल? Nishikant Dubey का आरोप- TMC ने Pakistan से दिलवाया बयान