By अनन्या मिश्रा | Apr 07, 2026
असम के विधानसभा चुनाव में सत्ता की बाजी को पलटने के लिए कांग्रेस पार्टी रणनीति को सिरे चढ़ाने की जगह सूबे के कई वरिष्ठ नेताओं के पाला बदलने से परेशान है। चुनाव से पहले पार्टी राज्य में गंभीर संकट का सामना कर रही है। राज्य चुनाव में कांग्रेस पार्टी की चुनावी नैया डांवाडोल नजर आ रही है। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान को चुनाव रणनीति पर नए सिरे से मंथन करने के लिए बाध्य कर दिया है। हालांकि पार्टी सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास जरूर कर रही है।
साल 2016 में कांग्रेस पार्टी ने असम राज्य में अपनी प्रमुखता को खो लिया। वहीं वर्तमान समय में कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं पार्टी पर समय-समय पर कुछ आरोप भी लगते हैं। आलोचकों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य में अपनी कुर्सी को बचाने के लिए अवैध प्रवासियों को शामिल किया। वहीं कांग्रेस पर यह भी आरोप लगता है कि साल 1947 में विभाजन के दौरान उसने असम का पाकिस्तान को देने का विचार किया था।
असम में कांग्रेस पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए खुद को पुनर्गठित कर रही है। इसमें गौरव गोगोई को राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करके पार्टी को नई ऊर्जा देने की कोशिश की गई है। वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और महंगाई जैसे मुद्दों पर रैलियों के जरिए अपना खोया जनाधार सुधारने के प्रयास में है।