By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 29, 2020
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को शनिवार को दोबारा पत्र लिखा और सवाल किया कि इस सोशल नेटवर्किंग कंपनी की भारतीय इकाई की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा की मदद किए जाने के आरोपों के संदर्भ में क्या कदम उठाए गए हैं ? मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा है कि फेसबुक के कुछ कर्मचारियों और भाजपा के बीच कथित ‘सांठगांठ’ के मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच होनी चाहिए। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अमेरिका की मशहूर पत्रिका ‘टाइम’ की एक खबर का हवाला देते हुए जुकरबर्ग को पत्र लिखा है।
‘टाइम’ की खबर शेयर करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर दावा किया कि इससे ‘व्हाट्सऐप और भाजपा की सांठगांठ’ का खुलासा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भारत में व्हाट्एसऐप का 40 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सऐप को पैसे के लेनदेन की सेवा आरंभ करने के लिए मोदी सरकार की अनुमति की जरूरत है। ऐसे में व्हाट्सऐप भाजपा की गिरफ्त में है।’’
उल्लेखनीय है कि व्हाट्सऐप का स्वामित्व फेसबुक के पास है। वेणुगोपाल ने गत 17 अगस्त के लिखे अपने पत्र का हवाला दिया और जुकरबर्ग से सवाल किया कि कांग्रेस के पहले जो मुद्दे उठाए थे उन पर फेसबुक की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं? कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा और पार्टी के डाटा विश्लेषण विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा और फेसबुक इंडिया के लोगों के बीचकथित संबंध के मामले की जांच जेपीसी से होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फेसबुक की तरफ से अपनी भारतीय शाखा की जिस जांच का आदेश दिया गया उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।