Constitution Day of India: 26 नवंबर को देशभर में मनाया जा रहा संविधान दिवस, जानिए कुछ रोचक बातें

By अनन्या मिश्रा | Nov 26, 2024

हर साल 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाता है। हमारे देश के कानूनी इतिहास में संविधान दिवस की जड़ें काफी गहरी हैं। आज ही के दिन यानी की 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान लागू किया गया था। इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बता दें कि 26 नवंबर 1949 को कई चर्चाओं और संशोधनों के बाद संविधान सभा ने संविधान को अंतिम रूप दिया था। इससे पहले 26 नवंबर को कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था। इसकी शुरूआत साल 1930 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेधन में पूर्ण स्वराज की प्रतिज्ञा पारित होने के बाद की गई थी। तो आइए जानते हैं कि इस दिन को कब से मनाने की शुरूआत हुई और इस दिन को मनाए जाने का क्या उद्देश्य है।

हर साल देश में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। यह दिन इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आज ही के दिन यानी की 26 नवंबर 1949 को देश ने अपना संविधान अपनाया था। वहीं डॉ भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर साल 2015 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस मनाए जाने की शुरूआत की थी। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरुकता को बढ़ाना है।

क्यों रखा गया 2 महीने का इंतजार

भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था। लेकिन 2 महीने बाद यानी की 26 जनवरी 1950 को इसे पूरी तरह से लागू किया गया था। इन दो महीनों के बीच में संविधान का अंग्रेजी और हिंदी में अनुवाद करने के साथ ही इसका आम जनता के बीच में प्रचार करने में किया गया था। संविधान सभा ने इसको अंतिम रूप देने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लिया था। इस दौरान संविधान सभा की कुल 166 बैठके हुई थीं।

इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य डॉ बी.आर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देना है। वह देश के पहले कानून मंत्री थे और संविधान सभा के अध्यक्ष थे। भारत का संविधान देश के शासन और नागरिकों के अधिकारों का आधारभूत दस्तावेज है। इसमें उन सभी मूल्यों औऱ सिद्धांतों को शामिल किया गया है, जिन पर भारत देश आधारित है।

क्यों महत्वपूर्ण है संविधान दिवस

बता दें कि संविधान दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि हमारे देश के सबसे अहम दस्तावेज यानी की संविधान को याद करने का दिन है। संविधान को बनाने में डॉ. भीमराव अंबेडकर का अहम योगदान रहा है। उन्होंने पहले भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में काम किया था। संविधान हमें बताता है कि सरकार कैसे चलेगी और हमारे पास देश के नागरिक के तौर पर क्या अधिकार हैं। संविधान हमारे देश को लोकतांत्रिक देश बनाता है, जहां पर सभी को बराबर अधिकार मिलता है।

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