By Ankit Jaiswal | Aug 09, 2026
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था ने शनिवार को कड़ा रुख अपनाया है। फीफा ने कहा है कि उसके अध्यक्ष के नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिशें लगातार जारी हैं और यदि किसी को उनके खिलाफ चुनौती पेश करनी है तो उसे संस्था के नियमों और तय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ना होगा। इस बयान के बाद फीफा के भीतर चल रहा विवाद और गहरा गया है।
गौरतलब है कि इसी विवाद के बीच इस सप्ताह मोरक्को में फीफा के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक के बाद फीफा ने प्रस्ताव से जुड़ी गलतियों के लिए अपने 211 सदस्य संघों से माफी मांगी और इन्फेंटिनो के नेतृत्व के प्रति समर्थन दोहराया। हालांकि, यूरोपीय फुटबॉल संघ ने साफ कर दिया कि उसका इन्फेंटिनो पर भरोसा पहले जैसा नहीं रहा है।
शनिवार को जारी बयान में फीफा ने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लेकर यह नहीं बताया कि अध्यक्ष के खिलाफ कथित अभियान कौन चला रहा है। संस्था ने हाल की कुछ खबरों और आरोपों को आधारहीन तथा गलत बताया और कहा कि गलत या भ्रामक खबरों का वह सीधे और मजबूती से जवाब देगी।
यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें ब्रिटेन के समाचार पत्र डेली टेलीग्राफ ने इन्फेंटिनो के यूरोपीय फुटबॉल संघ में महासचिव रहने के दौरान एक पूर्व कर्मचारी को किए गए भुगतान का जिक्र किया था। रिपोर्ट में इन्फेंटिनो के उस व्यक्ति के साथ निजी संबंध होने का दावा भी किया गया था। इन्फेंटिनो ने इन आरोपों से इनकार किया है और फीफा ने भी इन्हें बेबुनियाद बताया है। यूरोपीय फुटबॉल संघ ने हालांकि यह स्वीकार किया कि संबंधित व्यक्ति को विदाई भुगतान के साथ स्थानीय कारोबारी विद्यालय में प्रबंधन की पढ़ाई की फीस भी दी गई थी।
फीफा ने कहा कि उसके अध्यक्ष का चुनाव सदस्य संघों ने लोकतांत्रिक तरीके से किया है और वह अभी भी उन्हीं के समर्थन से पद पर हैं। संस्था ने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास सदस्य संघों का समर्थन नहीं है, उन्हें आरोपों या गलत सूचनाओं के जरिए वह हासिल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए संभव नहीं है।
बता दें कि इन्फेंटिनो मार्च में मोरक्को में होने वाली फीफा कांग्रेस में चौथे कार्यकाल के लिए दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं। फिलहाल उनके खिलाफ कोई स्पष्ट उम्मीदवार सामने नहीं आया है। हालांकि, यूरोपीय फुटबॉल संघ के साथ उनका टकराव बढ़ गया है। नॉर्वे फुटबॉल महासंघ की अध्यक्ष लिसे क्लावनेस ने भी इन्फेंटिनो से इस्तीफे की मांग की है।
दूसरी ओर, अफ्रीकी फुटबॉल महासंघ ने सर्वसम्मति से इन्फेंटिनो के नेतृत्व का समर्थन किया है। दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ ने भी बिना सभी सदस्य देशों के मतदान के किसी तरह की हटाने की प्रक्रिया का विरोध किया है। मेक्सिको फुटबॉल महासंघ ने भी इन्फेंटिनो का समर्थन करते हुए कहा है कि अध्यक्ष से जुड़ा कोई फैसला तय संस्थागत प्रक्रिया से बाहर नहीं होना चाहिए। ऐसे में फीफा अध्यक्ष के भविष्य को लेकर खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है और आने वाले महीनों में यह विवाद और अहम हो सकता है।