By Ankit Jaiswal | Dec 23, 2025
दुबई में खेले गए अंडर-19 एशिया कप फाइनल के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान के बाहर भी तनाव की बातें सामने आने लगी हैं। मुकाबले के अगले दिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने संकेत दिया कि वह भारतीय खिलाड़ियों के कथित व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से औपचारिक रूप से शिकायत करने जा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की अंडर-19 टीम के मेंटर सरफराज अहमद ने भी मैच के दौरान भारतीय टीम के रवैये पर सवाल उठाए थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस जीत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में मोहसिन नक़वी ने मीडिया से बात करते हुए भारतीय खिलाड़ियों के आचरण पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि फाइनल के दौरान कुछ भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उकसाते हुए नजर आए और बोर्ड इस पूरे मामले को आईसीसी के सामने उठाएगा। नक़वी ने यह भी दोहराया कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए और क्रिकेट को खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए।
इससे पहले उसी बातचीत में सरफराज अहमद ने भी भारत के व्यवहार को खेल की भावना के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि मैदान पर जो हुआ, वह नैतिक रूप से सही नहीं था, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान की टीम ने जीत का जश्न संयम और खेल भावना के साथ मनाया। सरफराज ने कहा कि किसी भी टीम का आचरण अंततः उसकी अपनी सोच को दर्शाता है और क्रिकेट को हमेशा सही भावना के साथ खेला जाना चाहिए।
यह पहला मौका नहीं है जब भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बाद खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर विवाद सामने आया हो। बता दें कि इससे पहले सितंबर में दुबई में हुए सीनियर पुरुष टी20 एशिया कप के दौरान भी दोनों बोर्डों ने अलग-अलग मैचों में ऑन-फील्ड घटनाओं को लेकर आईसीसी से शिकायत की थी। उस टूर्नामेंट में भारत के सूर्यकुमार यादव पर अनुशासनहीन आचरण के लिए जुर्माना लगाया गया था, जबकि जसप्रीत बुमराह को फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन पर चेतावनी मिली थी। वहीं पाकिस्तान की ओर से हारिस रऊफ पर उकसावे वाले जश्न के चलते जुर्माना और प्रतिबंध लगाया गया था और साहिबज़ादा फरहान को भी फटकार मिली थी।
इन घटनाओं के बीच एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि बड़े मुकाबलों के दबाव में खिलाड़ियों का व्यवहार कैसे संतुलित रखा जाए। अब देखना होगा कि आईसीसी इस ताज़ा शिकायत पर क्या रुख अपनाती है और क्या कोई औपचारिक कार्रवाई की जाती है या नहीं।