किसी अन्य पिच पर 140 से 150 रन बना सकता था: चेतेश्वर पुजारा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 27, 2018

 मेलबर्न। चेतेश्वर पुजारा को तेजी से रन बनाने के लिए नहीं जाना जाता लेकिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की धीमी पिच ने यहां आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट की पहली पारी में ठोस बल्लेबाजी करने वाले तीसरे नंबर के इस बल्लेबाज को भी काफी परेशान किया। भारत ने दूसरे दिन गुरुवार को सात विकेट पर 443 रन बनाने के बाद पहली पारी घोषित की जिसके बाद 106 रन बनाने वाले पुजारा ने कहा, ‘‘हमें पिच के बर्ताव और स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी पड़ी। इस पिच पर रन बनाने के लिए प्रत्येक बल्लेबाज को काफी गेंद खेलनी होंगी। अगर कोई और विकेट होता तो इतनी सारी गेंद खेलने के बाद मैं शायद 140 से 150 रन बना लेता। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए स्थिति और पिच दोनों को पढ़ना महत्वपूर्ण है।’’

यह भी पढ़ें: INDVSAUS: चेतेश्वर पुजारा का शतक, भारत का मजबूत स्कोर

उन्होंने कहा, ‘‘एक बल्लेबाज के रूप में इस तरह की पिच पर खेलते हुए हमेशा भ्रम की स्थिति रहती है और मैं जिस गेंद पर आउट हुआ उस पर कुछ नहीं कर सकता था। इसलिए जब गेंद नीची रहती है तो आपके पास सीमित विकल्प होते हैं।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘हमने आज देखा कि पिच ने टूटना शुरू कर दिया है और इस पर असमान उछाल है। जब मैंने कल और आज बल्लेबाजी की तो अंतर महसूस किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब बल्लेबाजी करना आसान होगा। कल के बाद से मुझे लगता है कि बल्लेबाजी मुश्किल होती जाएगी और हमारे गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं इसलिए मुझे लगता है कि हमने पर्याप्त रन बनाए हैं।’’ पुजारा ने कहा कि पिच पर असमान उछाल से भारतीय गेंदबाजों को भी मदद मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए आलोचकों को जवाब देने की जरूरत नहीं: पुजारा

आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार फार्म में चल रहे बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि वह 2014 के खराब प्रदर्शन के कारण उनका बोरिया बिस्तर बांधने वाले आलोचकों को जवाब देने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। पुजारा ने 17वां टेस्ट शतक जमाने के बाद कहा ,‘‘ मैं जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलता हूं तो किसी को खामोश करने की जरूरत नहीं है। मुझे बस रन बनाते रहना है और मुझे वही पसंद है। मैं इन चीजों में नहीं पड़ना चाहता। मेरा काम रन बनाना है और वह मैं करता रहूंगा। देश में या विदेश में।’ उन्होंने स्वीकार किया कि एक बार खिलाड़ी रन बनाने लग जाता है तो आलोचक चुप हो जाते हैं 

उन्होंने कहा ,‘‘ कई बार आपकी आलोचना होती है और आपको उसे स्वीकार करना होता है। लेकिन रन बनाते रहने पर और टीम के जीतने पर सब खुश हो जाते हैं।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव काफी मायने रखता है। 2014 मेरा पहला आस्ट्रेलिया दौरा था और शुरूआत अच्छी रही थी। ब्रिसबेन में मैने अर्धशतक जमाया। मैं 30 या 40 रन में आउट हो रहा था। ऐसा नहीं है कि मैं खेल ही नहीं पा रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैने उस दौरे पर बहुत रन नहीं बनाये। मैं गलतियों से सबक लेता हूं। मुझे पता है कि इन मैचों में क्या चाहिये। उस दौरे से मुझे इस दौरे पर रन बनाने में मदद मिली।’’

प्रमुख खबरें

SEBI Order के खिलाफ SAT पहुंचे Zee Entertainment और Punit Goenka, बुधवार को होगी अहम सुनवाई

Lionel Messi को चैंपियन बनाने वाले पिता Jorge Messi का निधन, दिग्गज Rafael Nadal ने जताया गहरा शोक

Aston Villa छोड़ PSG लौटे Lucas Digne, 11 साल बाद फिर पहनेंगे पेरिस की जर्सी, 2029 तक हुआ Deal साइन

5 साल के फतेह ने Thailand में रचा इतिहास, Gatka on Skates में जीता World Martial Arts Games Gold Medal