By अभिनय आकाश | Jul 20, 2026
पाकिस्तानी मुस्लिम ब्रिटेन की संसद से पाकिस्तान को दो ऐसे तगड़े झटके लगे हैं कि इस्लामाबाद के हुक्मरानों की रूह कांप उठी है। पहले ही चार मोर्चों पर मुंह की खा रहे कंगाल पाकिस्तान को ब्रिटेन ने ऐसी लात मारी है कि आतंकिस्तान में भयानक भूचाल आ गया है। एक तरफ भारत ने पानी रोक कर इन जिहादियों को बूंद-बूंद के लिए मोहताज कर दिया है। अब ब्रिटिश संसद के भीतर यह खुला ऐलान हो चुका है कि पाकिस्तान का पैसा और वीजा हमेशा के लिए बंद किया जाए। ऐसे में सवाल यह है कि क्या ब्रिटेन ने लंदन और दूसरे शहरों से पाकिस्तानियों को बाहर खदेड़ने का फाइनल प्लान तैयार कर लिया है।
दरअसल ब्रिटिश सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल है और इसकी आग सुलग रही है पाकिस्तान मूल के एक खूंखार दरिंदे की वजह से जिसका नाम है शबीर अहमद। यह वही कुख्यात अपराधी है जो कुख्यात रोज टेल ग्रूमिंग गैंग का सरगना था जिसे मासूम और नादान बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 30 संगीन मामलों में 22 साल की सजा सुनाई गई थी। 14 साल तक सलाखों के पीछे सड़ने के बाद जैसे ही इस जिहादी को इस महीने रिहा किया गया तो ब्रिटिश आवाम और सांसदों का खून खौल उठा। साल 2016 में ब्रिटेन ने इसकी नागरिकता छीन जरूर ली थी लेकिन 1971 के इमीग्रेशन एक्ट के कानूनी लूप होल्स का फायदा उठाकर यह ब्रिटेन में ही छिपा बैठा है। और अब ब्रिटेन की गृह सचिव शबाना महमूद ने दो टूक चेतावनी दी है कि ऐसे दानव को बचाने वाले इस 55 साल पुराने कानून को बदला जाएगा और इसे देश से बाहर फेंकने के लिए हर हद पार की जाएगी। लेकिन असली तूफान तो अब उठा है जब ब्रिटिश संसद के भीतर विपक्षी दलों और बागी सांसदों ने सरकार को घेरते हुए आरपार का अल्टीमेटम दे दिया है। संसद में चीख-चीख कर यह मांग उठाई गई है कि जब तक पाकिस्तान अपने इन पाले हुए बलात्कारियों और अपराधियों को वापस नहीं लेता तब तक उस पर कड़े से कड़े प्रतिबंध ठोके जाएं।
ब्रिटिश सांसदों ने खुलकर यह मांग की है कि पाकिस्तानियों को मिलने वाले नए वीजा तुरंत रद्द किए जाए और उसे दी जाने वाली करोड़ों पाउंड की फाइनेंशियल एड पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया जाए। एक तरफ ब्रिटेन सरकार अगले 3 सालों के लिए 150 से भी ज्यादा मिलियन पाउंड की विकास सहायता देने जा रही है और दूसरी तरफ ब्रिटिश टैक्स पेयर का इस वक्त खून खोल रहा है कि आखिर आतंकवादियों को पालने वाले देश पर जनता की गाड़ी कमाई क्यों लुटाई जा रही है? यह कोई छिटपुट मामला नहीं है। जरा पिछले कुछ महीनों के संसदीय रिकॉर्ड को उठाकर भी देख लेते हैं। ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तान का नापाक चेहरा लगातार बेनकाब हुआ है। पहला ब्रिटिश सांसदों ने संसद के भीतर यह गंभीर मुद्दा उठाया है कि कैसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और कट्टरपंथी स्लीपर सेल्स ब्रिटेन की धरती का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरा मामला कंजर्वेटिव और मुखर नेताओं ने तीखे सवाल दागे हैं कि ब्रिटेन की जमीन पर बैठकर भारत और अन्य देशों के खिलाफ किस तरीके से जिहादी प्रोपोगेंडा फैलाने वालों को खुली छूट मिल रही है और इन्हें यह छूट क्यों दी जा रही है? तीसरा शरणार्थियों और मानव अधिकार के नाम पर ब्रिटेन को आतंकवादियों का सेब हेवन मानने से अब ब्रिटिश प्रशासन ने साफ इंकार कर दिया है और राष्ट्र विरोधी तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
तो कुल मिलाकर अगर तस्वीरों को देखें तो पाकिस्तान की बर्बादी की इबारत अब पश्चिमी देशों में भी खुलकर लिखी जा रही है। एक तरफ देश पहले से ही महंगाई और आईएमएफ के कटोरे और भुखमरी की आग में जल रहा है। दूसरी तरफ भारत ने पाकिस्तान का पानी रोक कर उसकी सास से पहले ही अटका रखी है। ऐसे में अगर अब ब्रिटेन ने वीजा बैन कर दिया और करोड़ों पाउंड की इस फंडिंग पर हमेशा के लिए रोक लगा दी तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का जनाजा निकलना 100% तक है। पाकिस्तान सरकार भले ही यह घटिया बहाना बना ले कि शबीर अहमद ने दश को पहले ही अपनी नागरिकता पाकिस्तान से छोड़ दी है। लेकिन दुनिया यह जानती है कि आतंक और अपराध ही पाकिस्तान के डीएनए में बसता है।