न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी अधिकारी को दी जमानत, तत्काल रिहाई पर रोक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 09, 2025

उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के एक पूर्व आबकारी अधिकारी को राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत दे दी।

पीठ ने कहा, ‘‘संबंधित आदेश में हमारे द्वारा की गई टिप्पणियों पर विचार करते हुए, अपीलकर्ता को जमानत पर रिहा होने का अधिकार है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो, हम निर्देश देते हैं कि अपीलकर्ता को संबंधित सत्र न्यायालय द्वारा तय उचित नियमों और शर्तों के अधीन 10 अप्रैल, 2025 को जमानत पर रिहा किया जाएगा।’’

शीर्ष अदालत ने त्रिपाठी को निर्देश दिया कि वह अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी के पास जमा कराएं और प्रतिदिन सुबह 10 बजे उसके समक्ष उपस्थित हों। पीठ ने कहा, ‘‘जब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं हो जाता, वह जांच अधिकारी के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।’’

इसने कहा, ‘‘जमानत देने का आदेश पारित करने के लिए अपीलकर्ता को 10 अप्रैल, 2025 को उपयुक्त सत्र अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। सत्र अदालत अपीलकर्ता को उपरोक्त नियमों और शर्तों सहित उचित नियमों एवं शर्तों पर जमानत देगी।’’

भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें राज्य में शराब घोटाले के सिलसिले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

कथित घोटाले के समय छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के विशेष सचिव और प्रबंध निदेशक के रूप में त्रिपाठी प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे थे और ईडी की जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराओं के तहत दर्ज एक मामले के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।

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