By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 05, 2024
नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28 सप्ताह की अविवाहित गर्भवती युवती (20) को गर्भपात की अनुमति देने से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, याचिका खारिज की जाती है। अदालत ने पिछले सप्ताह याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था लेकिन उसने यह मौखिक टिप्पणी की थी कि वह महिला को ‘‘पूर्ण रूप से विकसित भ्रूण’’ को गिराने की इजाजत नहीं देंगे।
महिला की ओर से पेश हुए वकील अमित मिश्रा ने कहा कि युवती को पहले गर्भावस्था के बारे में पता नहीं था और उसे 25 जनवरी को ही पता चला कि वह 27 सप्ताह की गर्भवती है। वकील ने कहा कि युवती अविवाहित है और उसके परिवार में किसी को भी उसकी गर्भावस्था के बारे में जानकारी नहीं है इसलिए उसकी स्थिति पर विचार किया जाए।