न्यायालय ने अवज्ञापूर्ण व्यवहार के लिए अमेरिका में रह रहे व्यक्ति को जेल की सजा सुनाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 03, 2023

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 2004 से अमेरिका में रह रहे एक व्यक्ति को उसके ‘अवज्ञाकारी व्यवहार’ के लिए छह महीने कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने केंद्र सरकार और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को उसकी भारत में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का भी निर्देश दिया, ताकि वह जेल की सजा काट सके। शीर्ष न्यायालय ने जनवरी में, एक अदालती आदेश के सिलसिले में अपने बेटे को भारत लाने में नाकाम रहने को लेकर व्यक्ति को न्यायालय की अवमानना को दोषी ठहराया था।

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पीठ ने कहा कि जुर्माने की रकम शीर्ष न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा की जाए। उल्लेखनीय है कि शीर्ष न्यायालय ने एक महिला द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए व्यक्ति को दोषी करार दिया था।

महिला ने 2007 में व्यक्ति से शादी की थी। महिला ने आरोप लगाया था कि व्यक्ति ने अदालत द्वारा जारी मई 2022 के आदेश के आलोक में दाखिल किये गये शपथपत्र का उल्लंघन किया। आदेश में उल्लेख किये गये समझौते की शर्तों के मुताबिक, उस वक्त छठी कक्षा में पढ़ रहे बच्चा अजमेर, राजस्थान में ही रहेगा और 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करेगा। इसके बाद, उसे अमेरिका ले जाया जाएगा, जहां उसके पिता रह रहे हैं।

न्यायालय ने अवमाननाकर्ता के वकील की इस दलील का भी संज्ञान लिया कि बच्चा भारत में अपनी मां के साथ रहने के दौरान कथित यौन शोषण का शिकार हुआ था। इस सिलसिले में अमेरिका में एक फोरेंसिक जांच जारी है और इसलिए जांच पूरी होने तक बच्चे को भारत वापस नहीं लाया जा सकता। न्यायालय ने कहा था कि महिला द्वारा दायर अवमानना याचिका दंपती के बीच पारिवारिक विवाद का परिणाम है और जैसा कि हर विवाद में होता है, बच्चा सर्वाधिक प्रभावित हुआ। न्यायालय ने कहा, ‘‘हम भारत सरकार और सीबीआई को अवमाननाकर्ता की भारत में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश देते हैं, ताकि वह सजा काटे और जुर्माना भरे।

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