CP Radhakrishnan: विभाजन की पीड़ा याद रखना जरूरी ताकि दोबारा न हो ऐसी विभीषिका

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेले गये कष्टों और बलिदानों को याद रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी ‘‘विभीषिका’’ फिर कभी न दोहराई जाए। उन्होंने देश की एकता और सद्भाव को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलाधिपति राधाकृष्णन ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मौके पर ‘सेंटर फॉर इंडिपेंडेंस एंड पार्टिशन स्टडीज’ (सीआईपीएस) और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

हमारे बुजुर्गों द्वारा झेली गई पीड़ा ने भारत को स्वतंत्र देश बनाया। इस तरह की विभीषिका दोबारा कभी नहीं होनी चाहिए।’’ उपराष्ट्रपति ने देश की अखंडता की रक्षा करने और उसकी विविधता का सम्मान करने की नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इस देश की अखंडता को बनाए रखना हम सभी का सर्वोच्च कर्तव्य है।

मेरी मातृमेरे लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं दूसरों की मातृसे नफरत करूं। हमें भारतीय होने पर बहुत गर्व होना चाहिए।’’ दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि यह दिन उन परिस्थितियों पर विचार करने और उन लोगों को याद करने का मौका है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवा दी। सिंह ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले देश के कई परिवारों के जीवन में अंधेरा छा गया था।

इसलिए हम इस दिन को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सवाल पूछने और अपनी गलतियों से सीखने का दिन है।

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