By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2021
काठमांडू। नेपाल में प्रख्यात पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट समेत अन्य शवदाहगृहों में, कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण से मरने वाले लोगों के शव बड़ी संख्या में आ रहे हैं। मीडिया में आयी एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि कोविड-19 से 214 और लोगों ने जान गंवा दी।देश में इस महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या अब 4,466 हो गई है। देश में कोरोना वायरस के मामले 431,191 हो गए हैं। नेपाल सेना के सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में अकेले काठमांडू घाटी में एक दिन में 100 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। काठमांडू पोस्ट ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में संक्रमण के मामले ज्यादा न बढ़ने के बावजूद मृतकों की संख्या बढ़ रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक शव को मुखाग्नि देने के लिए करीब 300 किलोग्राम लकड़ियों की आवश्यकता होती है जिसकी कीमत करीब 10,000 रुपये आती है।बिजली से संचालित शवदाहगृह में हर दिन औसतन 18 शव जलाए जाते हैं। कार्की ने कहा, ‘‘नेपाल सेना शवों को लाकर उन्हें सौंपती लेकिन उन्हें मुखाग्नि हमारे कर्मियों को ही देनी पड़ती है।’’ नेपाल में अभी एक दिन में कोविड-19 के 9,000 से अधिक मामले आ रहे हैं जिससे देश में स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। नेपाल के 40 से अधिक जिलों में पिछले दो हफ्तों से निषेधाज्ञा लागू हैं। इनमें काठमांडू घाटी के तीन जिले शामिल हैं।