By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 04, 2021
नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से कहा कि वह शहर में ‘क्रॉस-जेंडर’ मालिश पर प्रतिबंध के संबंध में कोई कार्रवाई करने से परहेज करे। अदालत ने कहा कि ऐसी सेवाएं केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत नहीं देती हैं। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने की, जिन्हें दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने बताया कि ऐसे केंद्रों में यौन गतिविधियों को रोकने के लिए उचित विचार-विमर्श के बाद नीति बनायी गई थी। क्रॉस-जेंडर मसाज (मालिश) का मतलब है कि किसी पुरुष की मालिश कोई महिला करे या किसी महिला की मालिश कोई पुरुष करे।