Middle East में जंग की आग से Crude Oil की कीमतों में उबाल, भारत पर मंडराया महंगाई का बड़ा संकट

By Ankit Jaiswal | Mar 17, 2026

वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव को सुर्खियों में ला दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार मंगलवार की शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है, इस समय काफी हद तक बाधित है। बताया जाता है कि दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के चल रहे संघर्ष ने इस क्षेत्र में स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। यह संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में और वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

बता दें कि अमेरिका द्वारा अपने सहयोगी देशों से जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील भी की गई थी, लेकिन कई देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसको लेकर अमेरिका की ओर से नाराजगी भी जताई गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और किसी भी छोटे हमले या दुर्घटना से हालात और बिगड़ सकते हैं।

इसी बीच खबर यह भी सामने आई है कि ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त किए गए तीन तेल टैंकरों को छोड़ने का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत उन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हो रही है जो भारत से जुड़े हैं।

गौरतलब है कि इस संकट का असर उत्पादन पर भी पड़ने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात, जो प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है, ने अपने उत्पादन में भारी कटौती की है और इसकी आपूर्ति आधे से भी कम हो गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने अपने सदस्य देशों को भंडार से अतिरिक्त तेल जारी करने पर विचार करने का सुझाव दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है तो आने वाले समय में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। कुछ बड़े बैंकों ने भी अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अनिश्चितता अभी बनी रह सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई और ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रमुख खबरें

बिहार के Piyush Jha का नवाचार: अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली को UNDP से मिली मान्यता

JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में Jharkhand CID ने 3 अभ्यर्थियों को पकड़ा, कुल 19 गिरफ्तार

Saint Vincent and the Grenadines में हिंसक गोलीबारी, चार लोगों की मौत और चार अन्य घायल

Bahraich में भारी बारिश और तूफान से 3 लोगों की गई जान, नदियां उफान पर