By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 31, 2022
नयी दिल्ली। सीमा शुल्क विभाग आयातित वस्तुओं को मंजूरी देने के लिए देश में मानकीकृत जोखिम आधारित ऐसी प्रणाली शुरू करेगा जिसमें आमना-सामना हुए बिना मूल्यांकन (फेसलेस मूल्यांकन प्रणाली) किया जाता है। इसकी चरणबद्ध शुरुआत पांच सितंबर से धातु की आयातित वस्तुओं के साथ की जाएगी। इससे सीमा शुल्क जांच में एकरूपता आएगी, माल की खेप को मंजूरी मिलने में लगने वाला समय कम होगा और कारोबारी सुगमता बढ़ेगी। अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने अधिकारियों के लिए जारी परिपत्र में कहा है कि नेशनल कस्टम्स टारगेटिंग सेंटर (एनसीटीसी) ने विभिन्न मानकों के आधार पर बिल ऑफ एंट्री (बीओई) के लिए प्रणाली जनित केंद्रीकृत जांच आदेश विकसित किया है और इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।