Mouthwash का रोज इस्तेमाल, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी गलती? जानें Side Effects

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 07, 2026

रोजाना हम सभी सुबह उठते ही ब्रश करते हैं। यह आदत हम सभी ने बचपन से सीखी है। आजकल केवल ब्रश और टूथपेस्ट से लोग संतुष्ट नहीं हैं। क्योंकि लोग दांतों की पूरी तरह से सफाई करने के लिए महकती सांस के लिए माउथवॉश इस्तेमाल करते है। अक्सर टीवी में आने वाले विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि माउथवॉश इस्तेमाल करने से 99% जर्म्स खत्म हो जाते हैं और मुंह घंटों तक फ्रेश रहता है। ऐसे में कई लोग बिना-सोचे समझे इसे रोजाना कभी-कभी तो दिन में दो बार तक इस्तेमाल करने लगते हैं लेकिन क्या यह आदत वाकई दांतों और मसूड़ों के लिए फायदेमंद है?

रोजाना माउथवॉश करने से आमतौर पर सेफ होता है, हालांकि, इसकी सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप किस प्रकार का माउथवॉश इस्तेमाल कर रहे हैं। बाजार में मिलने वाले सभी माउथवॉश एक जैसे नहीं होते हैं। कुछ माउथवॉश केवल मुंह की ताजगी बनाए रखने और दुर्गंध कम करने के लिए बनाए जाते हैं, जबकि कुछ में औषधीय तत्व या शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गहराई से असर करते हैं। ऐसे माउथवॉश का रोजाना बिना सही जानकारी या जरूरत के उपयोग करना हमेशा फायदेमंद नहीं माना जाता।

 - स्ट्रॉन्ग एंटीबैकटीरियल माउथवॉश का रोजाना इस्तेमाल मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कम करता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म हो सकते हैं।

 - आपको बता दें कि, ये अच्छे बैक्टीरिया शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के प्रोडक्शन में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

- नाइट्रिक ऑक्साइड रक्तचाप को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है। जब इसके स्तर में गड़बड़ी होती है, तो इसका प्रभाव सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर की समग्र सेहत पर भी असर डाल सकता है।

सही माउथवॉश कैसे चुनें?

यदि आप रोजाना माउथवॉश यूज करते हैं, तो फ्लोराइड बेस्ड और अल्कोहल फ्री माउथवॉश सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं। ये दांतों पर जमी प्लाक को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, दांतों के इनेमल को मजबूत बनाते हैं और कैविटी से बचाव में असरदार होते हैं। इसी कारण से डेंटिस्ट माउथवॉश को ब्रश और फ्लॉस के साथ इसका उपयोग बताते हैं, न कि उनके विकल्प के तौर पर है।

अल्कोहल बेस्ड माउथवॉश से दूरी

अल्कोहल बेस्ड माउथवॉश तुरंत ताजगी का देता है। हालांकि, लंबे समय तक रोज इस्तेमाल करने पर ये मुंह में सूखापन, जलन और सेंसिटिविटी बढ़ा सकते हैं। इससे मुंह का नेचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है और लार का प्रोडक्शन भी प्रभावित कर सकता है। 

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