तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने अपने दरवाजे खोले , लबें अरसे बाद लोगों के मिलने का सिलसिला शुरू

By विजयेन्दर शर्मा | Dec 16, 2021

धर्मशाला। तिब्बतीयों के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने धर्मशाला के पास मेकलोडगंज में अपने आधिकारिक निवास पर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख एवं तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री पेनपा सेरिंग को व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। यह दलाई लामा पिछले लंबे अरसे बाद किसी से पहली बार व्यक्तिगत रूप से रूबरू हुये हैं। जब से 2020 की शुरुआत में कोविड -19 महामारी शुरू हुई थी। तब से उनके सार्वजनिक कार्यक्रम बंद थे। यही नहीं पेंपा सेंरिंग ने निर्वासित सरकार का प्रमुख बनने के बाद दलाई लामा से नहीं मिल पाये थे। 

इस मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, पेंपा सेरिंग ने दलाई लामा के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन्हें महामारी के बाद पहली बार व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने का मौका प्रदान किया और चीन-तिब्बती संघर्ष के समाधान की दिशा में काम करने और अपने साथ तिब्बती जनता की सेवा करने का वचन दिया है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा के मार्गदर्शन और  आशीर्वाद से हम आगे बढेंगे।

इसे भी पढ़ें: सुरेश कश्यप ने दिल्ली में लड़ी हाटी समुदाय की लडाई

दरअसल, पिछले डेढ़ वर्षों से दलाई लामा ने कोविड -19 महामारी के कारण जनता के किसी भी सदस्य से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की है। लेकिन अब दलाई लामा ने जनता के साथ व्यक्तिगत बैठकें फिर से शुरू की हैं और सबसे पहले मुझे तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रमुख के रूप में मिलने का मौका दिया गया। और मैं इसके लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं। धीरे-धीरे  दलाई लामा जनता के एक या दो सदस्यों से मिलना शुरू करेंगे।  उन्होंने बताया कि अभी भी दलाई लामा से मिलना अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं होगा।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने रेणुका जी परियोजना को अनुमोदन प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया

जहां तक मेरी बात है, दलाई लामा के साथ मेरी अंतिम मुलाकात अक्टूबर 2017 में हुई थी। पिछले साढ़े चार वर्षों से, मुझे दलाई लामा के साथ मिलने का मौका नहीं मिला है, हालांकि हाल ही में मेरा चार ऑनलाइन संपर्क हुआ। इसलिए, मैं आज दलाई लामा के साथ पहली बार व्यक्तिगत तौर पर मिलने के लिए भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। मैं दलाई लामा के आशीर्वाद और सलाह के साथ तिब्बती जनता और हमारे सामान्य कारण की सेवा करने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करने की भी प्रतिज्ञा करता हूं।“

प्रमुख खबरें

Canada Deportation Record: सिर्फ 6 महीने में कनाडा से 3 हजार से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट, क्या है वजह?

आज भारत में डिग्री का कोई मतलब नहीं है: Chhatron ki Goonj कार्यक्रम में राहुल का दर्द, Data और दौलत पर फोकस

UAE की Iran को कड़ी चेतावनी, ADNOC टैंकर पर Missile Attack को बताया UN Resolution का उल्लंघन

हिंदुओं को धोखा देने वाले इस देश को ले डूबे मुस्लिम, हिल गया यूरोप !