By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 10, 2022
वाशिंगटन, 10 अगस्त। जानेमाने दलित कलाकार जागरूकता बढ़ाने और यह मांग करने के लिए एक वैश्विक डिजिटल संगीत कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे हैं कि गूगल जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने कर्मचारियों का जाति आधारित उत्पीड़न से सक्रिय तौर पर संरक्षण करें। साथ ही यह भी मांग की जाएगी कि ये कंपनियां कर्मचारियों की उन सभी देशों में संरक्षित श्रेणी बनाकर सक्रिय रूप से संरक्षण करें जहां वे व्यवसाय करती हैं।
एक भारतीय जाति-विरोधी विद्वान और रैप कलाकार सुमीत समोस ने कहा, ‘‘वैश्विक संदर्भ में जाति पर ध्यान आकर्षित करने के लिए इस घटना का बहुत महत्व है, जिसे प्रमुख हिंदू समूहों और नौकरशाही द्वारा बार-बार बाधित किया गया है।’’ 10 अगस्त को होने वाले संगीत कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कलाकार हिस्सा लेंगे। जून में गूगल के प्रवक्ता शैनन न्यूबेरी ने कहा था, जातिगत भेदभाव का हमारे कार्यस्थल में कोई स्थान नहीं है। हमारे पास अपने कार्यस्थल में प्रतिशोध और भेदभाव के खिलाफ एक बहुत ही स्पष्ट, सार्वजनिक रूप से साझा नीति है।