साल 2022 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण? नोट कर लें समय और तारीख

By प्रिया मिश्रा | Dec 31, 2021

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव होता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नए साल 2022 में साल कुल चार ग्रहण लगने का योग बना है। इसमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। हालांकि, इन सभी ग्रहणों में से कुछ ग्रहण भारत में दिखाई देंगे तो वहीं, कुछ ग्रहणों को भारत में आंशिक रूप या नहीं देखा जा सकेगा। ऐसे में जहाँ ग्रहण नहीं देखे जाएंगे, वहां इनका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा। लेकिन जहाँ ग्रहण दिखाई पड़ेंगे, वहां इसका प्रभाव हर व्यक्ति के ऊपर किसी न किसी रूप से ज़रूर पड़ेगा। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि साल 2022 में ये चारों ग्रहण कब लगेंगे और किन देशों पर इनका सबसे ज्यादा असर होगा - 

साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो कि दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से शाम 04 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण दक्षिण/पश्चिम अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्य डॉ। राजेंद्र प्रकाश गुप्त के अनुसार नए साल का यह पहला ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि यह खगोलीय घटना देश में सूर्योदय से पहले होगी।

साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को लगेगा। यह भी आंशिक ग्रहण होगा, जो कि शाम 04 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा और 05 बजकर 42 मिनट तक चलेगा। यह ग्रहण यूरोप, दक्षिण/पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अटलांटिका में देखा जा सकेगा। 25 अक्टूबर को लगने वाले आंशिक सूर्यग्रहण का नजारा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के क्षेत्रों को छोड़कर शेष भारत में निहारा जा सकेगा। 

चंद्र ग्रहण 2022 

साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को सुबह 7 बजकर 02 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 20 बजे तक चलेगा। यह ग्रहण साउथ-वेस्ट यूरोप, साउथ-वेस्ट एशिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों, साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर में देखा जा सकेगा।

साल 2022 का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 32 बजे से शाम 7 बजकर 27 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण को नॉर्थ-ईस्ट यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका में देखा जा सकेगा। सूतक काल मान्य साल 2022 में लगने वाले दोनों चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा।

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कब लगता है पूर्ण चंद्रग्रहण? 

पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और अपने उपग्रह चंद्रमा को अपनी छाया से ढंक लेती है।चंद्रमा इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है। इस खगोलीय घटना के वक्त पृथ्वीवासियों को कभी-कभार चंद्रमा रक्तिम आभा लिए दिखाई देता है जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है।

- प्रिया मिश्रा

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