By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे या लापता तमिलनाडु के करीब 50 लोग सहित भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश वापस लाने की अपील की। नेपाल के तिब्बत से सटे दो मध्यवर्ती जिलों में बुधवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई। बाढ़ से नदी किनारे बसी बस्तियों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
मारन ने पत्र में कहा, “खबरों के अनुसार, कई लोगों की जान चली गई है और तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटकों समेत कई अन्य लोग अब भी लापता हैं। दुर्गम इलाकों और लगातार जारी बाढ़ के कारण बचाव अभियान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।” उन्होंने कहा, “इस प्राकृतिक आपदा से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। सड़कें, पुल और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे बह गए हैं, जिससे संचार और परिवहन नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।” मारन ने विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर से प्रभावित लोगों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित निकालने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने भारतीय दूतावास और बचाव दलों को आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया, ताकि नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके। पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने नेपाल के उत्तरी रसुवा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण 400 से अधिक भारतीयों के फंसे होने की खबर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इनमें कुंभकोणम क्षेत्र के 57 लोग शामिल हैं।
रामदास ने एक बयान में बताया कि प्रभावित पर्यटक तंजावुर, तिरुवरूर और मयिलादुथुरई जिलों के रहने वाले हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “बताया जा रहा है कि इनमें से 22 लोगों को बचा लिया गया है जबकि बाकी लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।” रामदास ने केंद्र और राज्य सरकारों से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने का आग्रह किया।