DCW प्रमुख स्वाति मालीवाल ने सुनाई आपबीती, कहा- पापा ने मेरा यौन शोषण किया

By रितिका कमठान | Mar 11, 2023

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल आमतौर पर चर्चा में बनी रहती है। इस बार डीसीडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किए जाने के मौके पर आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने बचपन में उनका यौन शोषण किया है।

उन्होंने आगे कहा कि मेरे पिता मुझे मारते थे, मेरा सिर दीवार से पीटते थे। खून भी बहता था। मगर जब कोई इंसान बहुत अत्याचार सहता है तो वो दूसरों के दर्द से वाकिफ हो पाता है। उसे अंदर ऐसी आग होती है जिससे उसमें पूरी व्यवस्था को बदलने की ताकत आ जाती है। ऐसा ही कुछ मेरे साथ और हमारे अन्य अवॉर्डी के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि ये उस समय की बात है जब में काफी छोटी थी। कक्षा चार तक ही मैं अपने पिता के साथ रही हूं। तब तक कई बार पिटाई खाई है और अत्याचार सहा है।

कार्यक्रम में महिलाएं हुई सम्मानित
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को डीसीडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) द्वारा शुरू किए गए पुरस्कार समारोह में करीब 100 महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन महिलाओं को दिया जाता है जिन्होंने महिलाओं के प्रति असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। समारोह को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘‘साल में सभी 365 दिन महिलाओं के लिए हैं लेकिन यह महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए एक खास दिन है। एक कहावत है : उम्र महज एक संख्या है। आज इस कार्यक्रम में 104 वर्षीय और 106 वर्षीय महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है। हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज डीसीडब्ल्यू अवार्ड्स प्रतिष्ठित पुरस्कार बन गए हैं। पुरस्कार जीतने वाली सभी महिलाओं को बधाई। 

प्रमुख खबरें

Indias Got Latent विवाद के बाद सम्मान, CM फडणवीस से अवॉर्ड मिलते ही Samay Raina ने साइबर सेल से पुरानी झड़पों की याद दिलाई

Odisha तट के पास डूबा Cargo Ship, Indian Coast Guard ने दो चीनी नागरिकों को बचाया, तलाशी जारी है

नेपाल में बाढ़ के कारण लगभग 130-140 भारतीय लापता हैं; प्रियांक खड़गे बोले- कर्नाटक सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है

PM Narendra Modi बोले, Olympic में भारत की भागीदारी और पदक संख्या बढ़ाने के लिए नए खेल जरूरी