By रेनू तिवारी | Apr 29, 2026
मेघालय की एक स्थानीय अदालत द्वारा सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के फैसले ने इंदौर में रहने वाले मृतक राजा रघुवंशी के परिवार को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। मंगलवार को परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग की है। मेघालय की एक स्थानीय अदालत में सोनम की जमानत अर्जी मंजूर होने की खबर मिलते ही इंदौर में राजा रघुवंशी के परिवार को करारा झटका लगा।
राजा के बड़े भाई विपिन ने कहा कि उनका परिवार सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघालय उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। उन्होंने कहा,‘‘सोनम की जमानत अर्जी के पक्ष में अदालत में पैरवी करते वक्त उसके वकील ने इस बात को मुख्य आधार बनाया कि मेघालय पुलिस ने उसके मुवक्किल को गिरफ्तार करते वक्त उसे गिरफ्तारी के विशिष्ट कारण की सूचना उचित तरीके से नहीं दी थी जिससे कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।’’
विपिन ने जांच में ‘हेर-फेर’ का संदेह जताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने उन्हें अब तक न तो आरोप-पत्र की प्रति प्रदान की है, न ही उन्हें से ठीक से देखने का मौका मिला है। अधिकारियों ने बताया कि अपने पति राजा रघुवंशी की साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से नौ जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह 10 महीने से अधिक समय तक शिलांग के जिला कारागार में न्यायिक हिरासत के तहत बंद थी।
राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय के लिए रवाना हुए थे। हनीमून के दौरान 23 मई को लापता राजा रघुवंशी का शव दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में पाया गया था। राजा रघुवंशी हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम के साथ ही इस महिला के कथित प्रेमी राज कुशवाह और कुशवाह के तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार किया गया था।