By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 16, 2026
अक्सर कई लोग सिरदर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिसे लोग थकान और नींद की कमी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग तो तेज सिरदर्द के दौरान पेन किलर खाना शुरु कर देते हैं। कभी आपने ध्यान दिया है कि सिर के किस हिस्से में दर्द हो रहा है। गौरतलब है कि सिर में अलग-अलग हिस्से में दर्द होने के अलग मायने होते हैं। कुछ मामलों में यह आपके शरीर के भीतर की किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि सिरदर्द के अलग-अलग प्रकार और उनकी जगह के पीछे अलग-अलग कारण छिपे होते हैं।
कई बार माथे में दर्द अक्सर तनाव या साइनस से संबंधित होता है, जबकि सिर के पिछले हिस्से का दर्द हाई ब्लड प्रेशर या गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव का इशारा करता है। कई बार माइग्रेन जैसे दर्द में सिर का सिर्फ एक हिस्सा को ही प्रभावित करते हैं। इन संकेतों को समझना इसलिए जरुरी है क्योंकि एक साधारण दिखने वाला सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक या गंभीर संक्रमण का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। दर्द की जगह और उसकी तीव्रता को पहचान कर सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना ही भविष्य की गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बचने का एकमात्र सॉल्यूशन है।
माथे के चारों ओर का दर्द का मतलब
तनाव सिरदर्द सबसे आम प्रकार है, जिसमें ऐसा फील होता है जैसे माथे के चारों ओर एक टाइट बैंड बांध दिया गया हो। इस तरह का दर्द आमतौर पर माथे और कनपटियों में शुरु होता है। इसके पीछे के मुख्य कारण मानसिक तनाव, नींद की कमी, आंखों पर जोर या गर्दन की मांसपेशियों में जकड़न होती है। इसका दर्द धीमा लेकिन स्थिर होता है और आमतौर पर आराम या रिलैक्सेशन तकनीकों से ठीक हो जाता है।
गालों और एक हिस्से का दर्द
आमतौर पर आपके माथे और आंखों के बीच या गालों की हड्डियों में भारीपन और दर्द महसूस होता है, तो यह साइनस सिरदर्द हो सकता है, जो अक्सर संक्रमण या एलर्जी के कारण होता है। वहीं, माइग्रेन में सिर के किसी एक हिस्से में तेज धड़कन जैसा दर्द होता है, जिसके साथ ही जी मिचलाना और रोशनी से परेशानी हो सकती है। यह दर्द कई घंटों या दिनों तक बना रह सकता है।
सिर के पिछले हिस्सा में दर्द
अगर आपके सिर के पिछले हिस्से में दर्द होता है तो यह अक्सर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस या हाई ब्लड प्रेशर का संकेत होता है। इसको नजरअंदाज न करें। दरअसल, क्लस्टर सिरदर्द में दर्द एक आंख के पीछे या उसके आसपास केंद्रित होता है, जो अचानक और बेहद तीव्र हो जाता है। इसके अलावा आंख लाल होना या नाक बहने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो नंसों के असंतुलन का परिणाम हैं।
कब लें न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह?
ऐसे में सिरदर्द को सिर्फ थकान समझना या कई मामलों में भारी पड़ सकता है। यदि दर्द के साथ धुंधला दिखना, बोलने में लड़खड़ाहट, गर्दन में अकड़न या बेहोशी महसूस हो, तो यह इमरजेंसी की स्थिति हो सकती है। लाइफस्टाइल में सुधार, पर्याप्त पानी और समय पर नींद से अधिकांश सिरदर्द ठीक हो जाते हैं, हालांकि बार-बार होने वाले दर्द के लिए एक्सपर्ट की सलाह जरुर लें और जांच जरुर कराएं। अपनी सेहत का भी ध्यान रखें।