Delhi AC Blast में 9 की मौत! इन वजहों से एसी बनता है 'टाइम बम', ये 5 गलतियां कभी न करें

By दिव्यांशी भदौरिया | May 03, 2026

हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में देर रात एक भीषण अग्निकांड ने 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। शाहदरा के विवेक विहार स्थित एक 4-मजिला इमारत के छह फ्लैटों में अचानक से आग लग गई है। इस खबर की सूचना दमकल विभाग को सुबह 3.47 मिली। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 16 लोगों को बचाया है। 

सर्विसिंग को नजरअंदाज करना

यदि एयर कंडीशनर की समय पर सर्विसिंग नहीं कराई जाए, तो इसके अंदर धूल-मिट्टी और गंदगी जमा होने लगती है। इससे मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसके कारण ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

लोकल या खराब क्वालिटी की वायरिंग

अगर आपने हाल ही में नया एसी इंस्टॉल कराया है या कराने की योजना बना रहे हैं, तो कभी भी घटिया या लोकल वायरिंग का इस्तेमाल न करें। कम गुणवत्ता वाले तार और ढीले कनेक्शन आग लगने का बड़ा कारण बन सकते हैं। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी की वायरिंग और सही तरीके से इंस्टॉलेशन पर विशेष ध्यान दें।

लंबे समय तक लगातार यूज

आज भी कई लोग एसी को बिना रुके लंबे समय तक चलाते रहते हैं, जबकि यह आदत नुकसान पहुंचा सकती है। लगातार इस्तेमाल से कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे उसके ओवरहीट होने की संभावना बढ़ जाती है और कभी-कभी यह स्थिति आग जैसी गंभीर समस्या का कारण भी बन सकती है।

ओवरलोडेड सॉकेट में AC

कई लोग ओवरलोडेड सॉकेट में AC यूज करते हैं, जो काफी खतरनाक हो सकता है। एक ही बोर्ड में कई हाई-पावर डिवाइस लगाने से सर्किट ओवरलोड हो जाता है, जो शॉर्ट सर्किट का कारण बनता है।

आउटडोर यूनिट के आसपास गंदगी

कई बार लोग एसी लगवाने के बाद उसके आउटडोर यूनिट पर ध्यान नहीं देते, जिससे उसके आसपास धीरे-धीरे गंदगी इकट्ठी होने लगती है। खासकर बालकनी या छत पर रखे यूनिट के पास कचरा, प्लास्टिक या सूखी पत्तियां जमा हो जाएं, तो आग लगने की स्थिति में वह तेजी से फैल सकती है।

बड़े हादसों से बचने के लिए जरूर बरतें ये सावधानियां

  - नियमित सर्विस- हर सीजन की शुरुआत में और बीच में एक बार प्रोफेशनल मैकेनिक से एसी की पूरी जांच जरुर कराएं।

 - ब्रेक दें- कोशिश करें कि एसी को लगातार 8-10 घंटे से ज्यादा न चलाएं, बीच में एक घंटे का ब्रेक दें।

 - सही स्टेबलाइजर- वोल्टेज को सही सें कंट्रोल करने के लिए अच्छी क्वालिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर जरुर लगाएं।

 - सर्टिफाइड पार्ट्स - हमेशा कंपनी के असली स्पेयर पोर्ट्स और सही क्षमता वाले एमसीबी (MCB) का ही प्रयोग करें।

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