Chai Par Sameeksha: Delhi को खांसने पर मजबूर कर चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं CM Arvind Kejriwal

By अंकित सिंह | Nov 06, 2023

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह Delhi में बढ़ते वायु प्रदूषण, सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी के समन और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. में हो रही उठापटक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस दौरान प्रभासाक्षी संपादक ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या के गहराने पर GRAP-3 उपायों को लागू करने का ऐलान कर दिया गया है। लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम तभी देखने को मिलेंगे जब उपायों के कार्यान्वयन पर सख्त निगरानी रखी जायेगी। इसके अलावा सिर्फ दिल्ली सरकार के ऐलान से काम नहीं चलेगा। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई क्षेत्र NCR में पड़ते हैं और प्रदूषण बढ़ाने में इन शहरों का भी भरपूर योगदान है इसलिए आसपास के सभी राज्यों की सरकारों को सम्मिलित प्रयास करने की जरूरत है। स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक इस स्थिति के दौरान एक दूसरे पर दोषारोपण करने की बजाय मिलकर काम करना चाहिए।

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केजरीवाल को ईडी से मिले समन पर नीरज कुमार दुबे ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते दिल्ली के मुख्यमंत्री को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना चाहिए था। अगर आपने कोई गलती नहीं की है तो आपको कोई कुछ नहीं कर सकता। आप लगातार ईमानदारी का दावा करते हैं ऐसे में आपको वहां जाना चाहिए था। कोई जरूरी नहीं है कि जो ईडी के पास जाएगा उसे गिरफ्तार किया जाएगा। राहुल गांधी, सोनिया गांधी भी ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं लेकिन उनकी तो गिरफ्तारी नहीं हुई। अगर किसी नेता की गिरफ्तारी होती है तो उसके लिए कोर्ट है। कोर्ट में आप अपने आप को निर्दोष साबित कर सकते हैं। लेकिन सवाल यह भी है कि जिस मामले में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने समान जारी किया है उस मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। यह दोनों नेता भी लगातार खुद को कट्टर ईमानदार बताते रहे हैं लेकिन यह हम सभी को पता है कि दोनों नेताओं को अब तक कोर्ट की ओर से जमानत नहीं मिल पाई है। 

प्रभासाक्षी संपादक ने कहा कि विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ने एकता के दावे तो बड़े बड़े किये थे लेकिन हकीकत में यह गठबंधन बिखरा हुआ नजर आ रहा है। Patna, Bengaluru और Mumbai की बैठकों में विपक्षी नेताओं ने एक दूसरे का हाथ थाम कर एकता की कई कसमें खाईं थीं लेकिन जिस तरह एक दूसरे पर हमले किये जा रहे हैं उससे प्रदर्शित हो रहा है कि वह बैठकें मात्र टी, लंच और डिनर पार्टियां ही थीं। दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस, मध्य प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, बिहार में जनता दल युनाइटेड और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग इस गठबंधन की एकता को तार-तार कर रही है।

- अंकित सिंह

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