By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 31, 2026
राष्ट्रीय राजधानी के बवाना के एक स्कूल में तीन साल की बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के प्ले स्कूल में एक बच्चे को पीटे जाने की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गुप्ता ने जाफराबाद के मौजपुर स्थित एक निजी डे-केयर एवं प्ले स्कूल में तीन-वर्षीय बच्चे के साथ कथित शारीरिक एवं यौन दुर्व्यवहार को लेकर परिसर को सील करने का निर्देश दिया है। इसके बाद प्रशासन ने स्कूल को सील कर दिया, क्योंकि निरीक्षण में कई सुरक्षा और भवन मानदंडों का उल्लंघन पाया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएं। बयान के मुताबिक, जाफराबाद स्थित एक प्ले स्कूल में तीन-वर्षीय बच्चे के साथ कथित शारीरिक एवं यौन दुर्व्यवहार की घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित स्कूल को सील करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि गुप्ता के निर्देश पर जिलाधिकारी (डीएम) ने स्कूल परिसर को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके मुताबिक, मामले में पुलिस जांच भी की जा रही है। गुप्ता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि स्कूलों, डे-केयर केंद्रों और स्कूली परिवहन व्यवस्था में बच्चों की सुरक्षा के लिए तय जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन हो और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मौजपुर के प्ले स्कूल के मामले में परिवार का आरोप है कि बच्चे को कुर्सी से बांधकर रखा जाता था और पीटा जाता था। सोशल मीडिया पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज में बच्चे को कथित रूप से कुर्सी से बांधे जाने, कान खींचे जाने और उसके साथ मारपीट नजर आ रही है। पुलिस ने बताया कि कथित मारपीट के सिलसिले में स्कूल के निदेशक, प्रधानाचार्य, एक शिक्षिका और एक केयरटेकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और मामले में एक केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने कहा कि एक अन्य महिला को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल का एक टीम ने निरीक्षण किया जिसके बाद इसे सील कर दिया गया। यमुना विहार उप-विभागीय मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, प्री-स्कूल और डेकेयर गतिविधि केंद्र के निदेशक निरीक्षण के दौरान संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे।
इसमें कहा गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005, दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 और दिल्ली अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुपालन की जांच करने के लिए निरीक्षण किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्ले स्कूल के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, स्वीकृत भवन नक्शा और भवन पूरा होने या इस्तेमाल की अनुमति का प्रमाणपत्र नहीं था। वहां आपातकालीन निकास और सीढ़ियां भी बंद थीं।
परिसर में रखा एकमात्र अग्निशामक यंत्र भी काम नहीं कर रहा था। इसमें कहा गया कि स्कूल आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहा था। इसके अलावा, पहली मंजिल पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल कर रसोई भी चलाई जा रही थी।
अधिकारियों ने कहा कि परिसर को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सील किया गया। बाहरी-उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके में एक निजी स्कूल में बस चालक द्वारा बच्ची का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना 19 अगस्त को तब सामने आई जब बच्ची के परिवार ने उसके गुप्तांग पर चोट के निशान देखे।
पूछताछ करने पर बच्ची ने अपनी मां को स्कूल के एक बुरे अंकल के बारे में बताया जो उसे चॉकलेट दिया करता था। पुलिस ने बताया कि 24 अगस्त को बच्ची को स्कूल की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए, जिसके दौरान उसने आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।