By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 01, 2026
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को पंजाब के नंगल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले से कथित तौर पर जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की चंडीगढ़ इकाई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपे जाने को मंजूरी दे दी। इससे पहले दिन में एजेंसी ने हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया जो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहा था। हरविंदर पर कथित तौर पर हत्या को अंजाम देने वालों को लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता मुहैया कराने में शामिल होने का आरोप है।
यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्यों द्वारा प्रभाकर की लक्षित हत्या से जुड़ा है। हत्या के संबंध में एनआईए ने नौ मई, 2024 को मामला दर्ज किया था। इस मामले में एनआईए अब तक तीन आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रभाकर की हत्या की साजिश कथित तौर पर जर्मनी में रह रहे बीकेआई के सदस्यों हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी। एनआईए ने अपनी जांच का हवाला देते हुए कहा कि हरविंदर ने यूएई में रहते हुए विदेश में रह रहे बीकेआई के सदस्यों को वित्तीय व अन्य मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। एजेंसी ने कहा कि उसने एक आका और भर्ती करने वाले व्यक्ति के रूप में काम किया, हथियारों की व्यवस्था की और प्रभाकर की हत्या में शामिल हमलावरों तक उन्हें पहुंचाने में मदद की।
आतंकवाद रोधी एजेंसी ने कहा कि हरविंदर ने हरजीत सिंह और कुलबीर सिंह के निर्देश पर साजिश रचने के सिलसिले में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन प्राप्त किया और उसे अन्य लोगों को भी भेजा।