दिल्ली अदालत का फैसला: Sharjeel Imam की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 10, 2026

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कहा कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम ने मीडिया के संपर्क में आकर अंतरिम जमानत की एक शर्त का ‘‘प्रथम दृष्टया उल्लंघन’’ किया, लेकिन आत्मसमर्पण के लिए उनके पहले ही वापस लौटने के मद्देनजर जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द करने के अनुरोध वाली दिल्ली पुलिस की अर्जी पर यह आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया, ‘‘जहां तक अंतरिम जमानत रद्द करने का सवाल है, आरोपी पहले ही विमान में सवार हो चुका है और शाम को दिल्ली पहुंचकर आत्मसमर्पण करेगा।

उन्होंने इसके समर्थन में एक यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उपलब्ध वीडियो का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक समाचार चैनल द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में इमाम के भाई को साक्षात्कार देते हुए दिखाया गया है, जबकि उस समय इमाम भी कमरे में मौजूद थे। इमाम के वकील तालिफ मुस्तफा और अहमद इब्राहिम ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने न तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया, न कोई साक्षात्कार दिया और न ही किसी मीडियाकर्मी से बातचीत की।

उन्होंने दलील दी कि पांच अक्टूबर को अपलोड किया गया चार मिनट 55 सेकंड का वीडियो समाचार चैनल ‘न्यूज 24’ ने तीन असंबद्ध स्रोतों से तैयार किया था। उन्होंने कहा कि इनमें इमाम के भाई का साक्षात्कार, परिवार और मित्रों के साथ इमाम की एक निजी क्लिप तथा एक नेता की ऐसी क्लिप शामिल थी, जिसका इमाम से कोई संबंध नहीं था। बचाव पक्ष ने कहा कि इमाम के भाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि जमानत केवल अत्यंत ठोस और असाधारण परिस्थितियों में ही रद्द की जा सकती है तथा इस शक्ति का इस्तेमाल बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद अदालत ने कहा कि पहले वीडियो के चार हिस्से थे। अदालत ने कहा कि इनमें मौजूदा मामले की कार्यवाही के बारे में इमाम के भाई का साक्षात्कार, दो-तीन लोगों के साथ एक कमरे में बैठे इमाम, उसी दृश्य का एक व्यापक कोण से लिया गया दृश्य जिसमें इमाम और उनके भाई सहित छह-सात लोग दिखाई दे रहे थे, तथा एक नेता की क्लिप शामिल थी, जिसका मामले से कोई संबंध नहीं था।

अदालत ने कहा कि तीन प्रासंगिक हिस्सों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि उन्हें लगभग एक ही समय पर एक ही कमरे में फिल्माया गया था और ‘‘पूरी संभावना है’’ कि मीडियाकर्मी द्वारा उनके भाई का साक्षात्कार लिए जाने के दौरान इमाम भी वहां मौजूद थे। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया, ये तथ्य और परिस्थितियां दर्शाती हैं कि मीडियाकर्मी उसी कमरे में मौजूद था, जहां आरोपी भी बैठा हुआ था। इस प्रकार, प्रथम दृष्टया आरोपी ने 22 सितंबर, 2026 के जमानत आदेश की शर्त संख्या दो का उल्लंघन किया है, जिसके तहत उसे अंतरिम जमानत दी गई थी।’’ अदालत ने हालांकि कहा कि इमाम को शनिवार शाम तक जेल में आत्मसमर्पण करना था और उनके वकील के अनुसार, वह पहले ही विमान में सवार हो चुके हैं तथा जल्द ही दिल्ली पहुंचने वाले हैं।

इमाम के खिलाफ मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के संबंध में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं।

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