By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 07, 2026
नयी दिल्ली, सात नवंबर पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में शनिवार को मलबे से दो और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मृतकों में से एक की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के हनुमान नगर गांव निवासी पंकज शर्मा (40) के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
शवों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अजमेरी गेट के पास सत्तारा गली में निर्माणाधीन इमारत ढहने के दो दिन बाद भी मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश और मलबा हटाने का अभियान जारी रहा। बचाव अभियान के पहले दिन दो लोगों किशोरी (40) और संजीत (45) को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि दो अन्य लोगों सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया था।
दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई गई थी। पुलिस के अनुसार, चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर निर्माणाधीन इमारत ढह गई थी। तीन मंजिला इमारत ढहने के समय निर्माण स्थल पर करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे।
आरोप है कि 50 वर्गमीटर के भूखंड पर आवश्यक मंजूरी लिए बिना इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का कोई भवन नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया था। नगर निगम के अनुसार, इमारत का निर्माण तीसरी मंजिल तक पहुंच गया था और छत की स्लैब डालने का काम चल रहा था, तभी वह ढह गई।
एक अधिकारी ने बताया कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से सेट भी नहीं हुई थी। इसी वजह से इमारत ढह गई। दिल्ली पुलिस ने जून में ही इस संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर एमसीडी को आगाह किया था।
15 जून को हौज काजी थाने के एसएचओ ने एमसीडी के सिटी सदर पहाड़गंज जोन को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की जानकारी दी थी। इसमें जमीन के मालिक और ठेकेदार के रूप में फरकान की पहचान बताई गई थी। पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।