Delhi HC का Google-Apple को सख्त निर्देश, अश्लील Apps पर तुरंत लें Action, मांगा जवाब

By अभिनय आकाश | May 13, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध कई मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल अश्लील और पोर्नोग्राफिक सामग्री फैलाने और अन्य कथित अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीज़न बेंच ने Google LLC, Apple Inc. और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने और जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई से पहले 'कार्रवाई रिपोर्ट' (Action Taken Report) दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐप स्टोर चलाने वाले इंटरमीडियरीज़ की, सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत एक अहम ज़िम्मेदारी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म को न सिर्फ़ शिकायतें मिलने के बाद, बल्कि अपने स्टोर पर एप्लिकेशन अपलोड करने की अनुमति देते समय भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

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यह PIL रुबिका थापा नाम की एक जागरूक नागरिक ने दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कई एप्लिकेशन कथित तौर पर अश्लील, भद्दी और पोर्नोग्राफ़िक सामग्री को बढ़ावा दे रहे हैं। याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि इनमें से कुछ एप्लिकेशन का इस्तेमाल कथित अनैतिक तस्करी, वेश्यावृत्ति, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग, हथियारों के अवैध व्यापार और संगठित आपराधिक गतिविधियों, जिसमें ज़बरन वसूली भी शामिल है, के लिए किया जा रहा है। याचिका के अनुसार, कई एप्लिकेशन कथित तौर पर सोशल नेटवर्किंग और लाइव-स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म की आड़ में काम कर रहे हैं, जबकि वे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों का कथित उल्लंघन करते हुए अश्लील सामग्री प्रदर्शित कर रहे हैं।

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याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि इनमें से कई संस्थाएँ भारत के बाहर स्थित हैं और कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका, तुर्की, जापान, रूस और चीन जैसे देशों में स्थित सर्वरों के ज़रिए काम करती हैं, जिससे भारतीय कानूनों को लागू करना मुश्किल हो जाता है। इसमें आगे आरोप लगाया गया है कि ये प्लेटफ़ॉर्म IT नियम, 2021 के नियम 4 का पालन करने में नाकाम रहे हैं, जिसके तहत भारत में कंप्लायंस अधिकारियों और शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति करना ज़रूरी है। याचिका में कहा गया है कि ऐसी कथित गतिविधियाँ, जिनमें डीपफ़ेक तकनीक के ज़रिए कथित ज़बरन वसूली और अंतरराष्ट्रीय चैनलों के ज़रिए अवैध धन की कथित हेराफेरी शामिल है, सार्वजनिक व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती हैं।

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