फुटपाथ वाहनों के लिए नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क किनारे बाल काट रहे नाई का मुआवजा बढ़ाया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 31, 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था दी कि फुटपाथ पवित्र और सुरक्षित स्थान है और ये वाहनों के लिए नहीं हैं इसलिए, तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रक की चपेट में आए एवं सड़क किनारे बाल काटने का काम करने वाले नाई को ‘लापरवाही में साझेदारी’ के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने 19 अगस्त को दिये फैसले में दिल्ली के आनंद पर्वत औद्योगिक क्षेत्र में फुटपाथ पर अपनी दुकान चलाने वाले नाई को मिलने वाले मुआवज़े की राशि बढ़ा दी। उच्च न्यायालय ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के 2022 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें ‘‘ लापरवाही में साझेदार’’ होने के कारण मुआवजे की रकम 30 प्रतिशत कम कर दी गई थी।

अदालत ने व्यवस्था दी कि मोटर वाहन चालकों को पैदल चलने वालों के लिए बनी जगहों का ‘सम्मान’ करना चाहिए और कोई व्यक्ति फुटपाथ या पैदल चलने वालों की जगह पर क्यों है, इस आधार पर उस पर ‘लापरवाही में साझेदार’ का आरोप नहीं लगाया जा सकता। एकल पीठ ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘‘लापरवाही में साझेदार तब साबित किया जा सकता है कि घायल या मृतक ने खुद दुर्घटना होने में योगदान दिया था।’ अदालतने कहा, ‘‘इस मामले में, दुर्घटना मुख्य रूप से इसलिए हुई क्योंकि वाहन को फुटपाथ पर चलाया गया या वह फुटपाथ से टकराया और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। फुटपाथ और पैदल चलने वालों के लिए बनी जगहें पवित्र और सुरक्षित होती हैं।

ये ऐसी जगहें नहीं हैं जहां वाहन चलाए जाएं या उनसे टकराएं।

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